संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल से दोपहर चार बजे के बाद रेफर होने वाले मरीजों पर एंबुलेंस में भी जान को खतरा मंडरा रहा है। दोपहर 4 बजे के बाद अस्पताल के दो नंबर गेट पर पार्किंग ठेकेदार का ताला लग जाता है, जो केवल सुबह 7 बजे ही खुलता है।
ऐसे में मजबूरन एंबुलेंस चालकों को रेफर होने वाले मरीजों को अंबाला-जगाधरी हाईवे पर गेट नंबर 1 से गलत दिशा में गुजरना पड़ता है। हालांकि डिवाइडर पार करने के लिए एंबुलेंस महज 50 मीटर की दूरी गलत दिशा में तय करती है। लेकिन इस दौरान मरीजों के साथ-साथ एंबुलेंस चालक व ईएमटी की भी जान जोखिम में डली रहती है कि कोई तेज रफ्तार वाहन टक्कर न मार दे। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन ढेरों शिकायतें मिलने के बावजूद भी इसे अनदेखा कर रहे हैं।
कई बार हादसा होने से बाल-बाल बचा, नहीं खुल रही अधिकारियों की नींद : गेट नंबर दो पर ताला लगने के कारण सरकारी व निजी एंबुलेंस के अलावा रोजाना अस्पताल में आने वाले सैंकड़ों वाहन दोपहर बाद से इसी तरह गलत दिशा में होकर गुजरते हैं।
अगर वह सही दिशा से डिवाइडर पार करते हैं तो उन्हें 500 मीटर की दूरी तय करके एसडी कॉलेज वाले कट से मुड़ना पड़ता है। कई बार तो रात के समय एंबुलेंस चालक टक्कर लगने से भी बच चुके हैं। बावजूद अभी तक अस्पताल प्रबंधन की नींद नहीं खुली है।
चोरी की डर से गेट पर कब्जा, पार्किंग कारिंदे बोले कि डॉक्टर से मिली अनुमति : कैंट का नागरिक अस्पताल चोरों के निशाने पर है।
पिछले एक माह में सात बार चोरी हो चुकी है। कभी बाइक तो कभी एसी के आउटडोर से कॉपर के पाइप चोरी हो चुके हैं। यही कारण है कि वाहनों को सुरक्षित रखने के डर से पार्किंग ठेकेदार व उनके करिंदों ने इस गेट पर अपना ही ताला जड़ दिया जाता है।
जबकि अस्पताल प्रबंधन भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोक रहा है। जबकि अस्पताल की सरकारी संपत्ति है। ऐसे में निजी ठेकेदार द्वारा ताला लगाना सरासर गलत है।