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कष्ट निवारण समिति की बैठक से मिला शहरवासियों को 4 घंटे दर्द

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जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जिलेभर के लोगों की शिकायतों का निवारण तो नहीं हो सका पर यह बैठक शहरवासियों और राहगीरों को दर्द जरूर दे गई। शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर को बैठक की अध्यक्षता कर शिकायतों का मौके पर समाधान करना था, लेकिन किसान के आंदोलन से बैठक न केवल स्थगित करनी पड़ी, बल्कि लोगों को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक जाम और रोड बंद होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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दरअसल पुलिस ने किसानों के विरोध के चलते पंचायत भवन को चारों ओर से घेर रखा था, लेकिन पहले ही कुछ किसान काले झंडे लेकर मौके पर पहुंच चुके थे तो कुछ ने दीवारें फांदकर पंचायत भवन में प्रवेश कर लिया था। इस दौरान पुलिस की फोर लेयर सुरक्षा नाकाफी साबित हुई। पुलिस ने पंचायत भवन के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ चौक, आर्य चौक सहित कुल चार जगह बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने के बंदोबस्त किए थे पर किसान नहीं रुके, लेकिन यह बैरिकेडिंग और पुलिस कर्मी वाहन चालकों के कष्ट का कारण बने। आर्य चौक से लेकर पंचायत भवन तक किसी भी वाहन को इस सड़क पर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसी तरह पुलिस डीएवी स्कूल के पास बैरिकेडिंग लाकर वाहनों को सिविल अस्पताल की ओर जाने से रोका गया। यही कारण रहा कि जनता दोपहर डेढ़ बजे तक जाम से जूझती रही।
बच्चों और सामान के साथ 3 किलोमीटर तक पैदल करनी पड़ी धूप में यात्रा
किसान आंदोलन के कारण सिविल अस्पताल और आर्य चौक की ओर से आने वाले लोगों को बस अड्डे तक जाने के लिए पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। सबसे ज्यादा समस्या उन यात्रियों को हुई जिनके पास भारी सामान था। इसी तरह बच्चों को गोद में उठाकर चलती माताओं के भी 40 डिग्री तापमान में पसीने छूट रहे थे पर हर कोई बेबस नजर आ रहा था। कालका चौक पर ही बसों ने यात्रियों को उतार दिया था। इस तरह यहां से आने वाले लोगों को करीब 3 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ा।
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सेक्टर-7 के सभी रास्ते भी रहे सील
पुलिस ने मंत्री की सुरक्षा के चलते सेक्टर-7 की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को भी सील किया था ताकि कोई भी व्यक्ति सेक्टर-7 की ओर से पंचायत भवन की तरफ न जा सके। इस कारण भी शहरवासियों को बेहद परेशानियां झेलनी पड़ी। जब दोपहर को यह तय हो गया कि अब मंत्री का कार्यक्रम स्थगित हो गया है तब जाकर रास्ते खोले गए।
मुझे कालका चौक पर ही उतार दिया गया। बसें आगे नहीं जा रही थी। मुझे मानव चौक के पार दवाई लेने जाना है बेटा। अब इतनी दूर 3 किलोमीटर पैदल ही जाना पड़ेगा। ऑटो वाला ऊपर से घूमकर जाने के लिए 100 रुपये मांग रहा है।
सावित्री।
मैं अपनी सास को लेकर धनाना से आई हूं। कोर्ट रोड चौक पर जाना है। कालका चौक पर ही बस वालों ने उतार दिया। अब इतनी गर्मी में कैसे दो-तीन किलोमीटर चलें।
पिंकी।
मेरी अग्रेसन चौक पर कपड़े की दुकान है। रास्ता बंद होने के कारण पीछे ही बाइक खड़ी करनी पड़ी और अब पैदल ही जा रहे हैं। हालात ठीक रहे तो ही दुकान खोलेंगे।
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राकेश।
मेरी भी अग्रसेन चौक पर दुकान है। गाड़ी को सिविल अस्पताल अंबाला शहर खड़ी की है। सेक्टर की तरफ से जाने वाले सभी रास्ते भी बंद किए गए हैं।
दीपक।
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