अंबाला के साहा-शहजादपुर मार्ग पर यात्रा का स्वागत करते पदाधिकारी। प्रवक्ता
अंबाला। यूजीसी के प्रावधानों के विरोध में पानीपत से चंडीगढ़ तक निकाली जा रही पैदल यात्रा का शनिवार को साहा से शहजादपुर पहुंचने पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया। भगवान परशुराम सेवा समिति अंबाला कैंट, अखिल भारतीय परशुराम ब्राह्मण सभा सहित कई संगठनों के पदाधिकारियों ने पदयात्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर अपना समर्थन दिया।
यात्रा में शामिल महिपाल मकराना, सुरेंद्र बरोता और मीनू पंडित ने कहा कि सरकार इस कानून को तत्काल वापस ले। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मामला युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और यदि समय रहते निर्णय नहीं बदला गया, तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगा।
सुरिंदर राजू शर्मा और कपिल शर्मा बाबाहेड़ी ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार को समाज की भावनाओं की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों का भविष्य राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। इस दौरान राजेश गोल्डी शर्मा, सुरेश कौशिक, डॉ. राकेश भारद्वाज, सतीश शर्मा सहित काफी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।