माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। पटवारखाने में बाहरी लोग इंद्राज (कागजों में रिकॉर्ड दर्ज) कर रहे हैं। मंत्री जी, यदि यह लोग मुझ जैसे व्यक्ति को दो-दो हजार रुपये के नोटों में तौल दें तो भी इनके पास नोट खत्म नहीं होंगे। यदि मैं गलत हूं तो मेरे खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। मेरी बात की पुष्टि के लिए पटवारखाने के रिकॉर्ड में किए गए इंद्राज की लिखाई की जांच करवा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
गृहमंत्री अनिल विज ने पास सोमवार को शिकायत लेकर पहुंचे पूर्व पार्षद ओंकार नाथी ने कुछ इसी अंदाजा में अपनी बात रखी। मंत्री विज ने भी इस पर तुरंत एक्शन लिया। विज ने आरटीए सचिव गौरी मिड्डा और रोडवेज जीएम मुनीष सहगल को जांच के निर्देश दिए। साथ ही ओंकार नाथी को भी साथ ले जाने के लिए कहा। दोनों अधिकारी शिकायतकर्ता को लेकर जैसे ही पटवार खाने पहुंचे तो वहां अफरातफरी का माहौल था।
हलका बब्याल के पटवारखाना में बाहरी व्यक्ति बीर सिंह टहलते हुए मिले। नाथी ने उनकी तरफ इशारा किया। इन्हें रोककर जीएम मुनीष सहगल ने पूछा कि आप यहां क्या कर रहे हैं। बीर सिंह ने बताया कि मैं यहां प्रॉपर्टी डीलरों का काम करवाने आता हूं। इसके बाद उसका जब फोन जांचा गया तो ट्रू कॉलर में बीर सिंह पटवारी नाम आया। यह देखकर जीएम भी हैरान थे कि बाहरी व्यक्ति के नाम के आगे पटवारी लिखा आ रहा है।
इसके बाद टीम आगे बढ़ी। पिलखनी हलके के पटवारखाने से रिटायर्ड कानूनगो हाकम सिंह के साथ बाहरी व्यक्ति रामबीर सरकारी रजिस्टर हाथ में लिए काम कर रहा था। नाथी ने कहा कि इनसे पूछो यह यहां किस अधिकार से सरकारी रजिस्टर में इंद्राज कर रहे हैं। हाकम सिंह ने कहा कि मैं कमीशन मुकर्रर (भूमि की निशानदेही) के लिए आता हूं। रामबीर को बचाते हुए हाकम सिंह ने कहा कि यह ( रामबीर) मेरे साथ निशानदेही के समय जरीब (फीता) पकड़ने का काम करता है। यह सुनकर जीएम मुनीष सहगल रामबीर को बोले आप मजदूर हैं, आपको पैसे भी नहीं मिलते तो क्या आप यहां चैरिटी का काम करते हैं? इसका उसके पास कोई जवाब नहीं था।
एक घंटे चली कार्रवाई, पटवारी का फोन आया बंद
करीब साढ़े 11 बजे से लेकर यह कार्रवाई दोपहर साढ़े 12 बजे तक चली। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बीर सिंह का फोन अपने पास रख लिया। वहीं रामबीर और हाकम सिंह से भी गहन पूछताछ कर तीनों के नाम, पते दर्ज किए। इतना ही नहीं दोनों अधिकारियों ने मौके पर लोगों से भी पूछताछ की। इस दौरान जीएम मुनीष सहगल और गौरी मिड्डा ने हलका बब्याल पटवारी अनिल से पूछताछ के लिए कई बार फोन मिलाए लेकिन उनका फोन बंद मिला।
तहसील कंप्यूटर ब्रांच में आम आदमी बनकर पहुंची गौरी मिड्डा
पटवारखाने के बाद दोनों अधिकारी तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां पर आरटीए सचिव गौरी मिड्डा एक आम नागरिक बनकर यहां पहुंची। ओंकार नाथी के कहने पर गौरी मिड्डा ने एक कर्मी से पूछा कि सोनू से मिलना है। महिला कर्मी ने कहा कि सोनू तो अभी कहीं गया है। इसके बाद दूसरे पुरुष ऑपरेटर से पूछा कि सोनू यहीं बैठता है। कर्मी ने कहा हां। लेकिन अभी नहीं है। दरअसल सोनू भी एक बाहरी व्यक्ति है जो सूचना मिलते ही वहां से फरार हो चुका था लेकिन कर्मचारियों ने उसके होने की पुष्टि अधिकारियों के समक्ष कर दी। इसके बाद रजिस्ट्री क्लर्क से पूछताछ हुई।
विज के दरबार क्यों पहुंचे थे ओंकार नाथी
पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस कष्ट निवारण सेल के प्रदेश महासचिव ओंकार नाथी ने 5 जून को मंत्री विज को एक नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत देकर 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। मंत्री विज ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कोई एक्शन नहीं होने से नाथी सोमवार को मंत्री विज के पास फिर से पहुंच गए थे। इस पर मंत्री विज ने नाथी को देखकर कहा कि मेरी आज ही एसपी साहब के पास आपकी शिकायत भेज दी है, आज कार्रवाई होगी। इस पर नाथी ने अगली बात बताते हुए पटवार और तहसील कार्यालय में चल रहे नए फर्जीवाड़े की डीसी व जिले के अन्य अधिकारियों के समक्ष पोल खोली तो विज ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज ही इस बारे में शिकायत मिली थी। दोनों अधिकारियों की आज की रिपोर्ट के बाद मामले पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। बाहरी लोग तहसील और पटवार खाने में किसी भी हाल में काम नहीं कर सकते। - विक्रम सिंह, डीसी अंबाला।
यदि इस मामले में कोई भी सबूत प्रस्तुत करता हैं तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। हाकम सिंह रिटायर्ड कानूनगो हैं और वह निशानदेही कमीशन मुकर्रर हैं, जो जा सकते हैं। बीर सिंह और रामबीर से पूछताछ की गई थी। - गौरी मिड्डा, आरटीए सचिव।