अंबाला। गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में हरियाणा की हिस्सेदारी पर कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में हमारा हिस्सा पहले से है और पूर्व में हरियाणा के कई काॅलेज पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड रहे हैं।
उन्होंने बताया सन 1972 में उन्होंने अंबाला छावनी के एसडी कालेज से ग्रेजुएशन की थी और तब उनका कॉलेज पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड था। उन्होंने कहा कि हम पंजाब से कोई हिस्सा नहीं मांग रहे। हिस्सा तो हमारा पहले से ही है। हरियाणा तो सन 1966 में बन गया था। उसके बाद भी काफी सारे कॉलेज पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। हालांकि, वह अंबाला छावनी के एसडी कालेज में पढ़ते थे, जोकि पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड था। उन्होंने 1972 में ग्रेजुएशन की थी और उसके एक-दो साल के बाद कॉलेज डिस-एफलेटिड हो गए थे। अब तो बस दोबारा से एफिलिएटेड कराना है। हिस्सा तो हमारा पहले ही है, नहीं तो यह 1966 में ही खत्म हो जाता। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा की हिस्सेदारी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा को इनकार कर दिया है।
जनसमस्याओं को सुन,कार्रवाई के निर्देश
गृह मंत्री के आवास पर प्रतिदिन जनसमस्याएं लेकर फरियादी पहुंच रहे हैं। सोमवार भी फरियादियों की समस्याओं को गृह मंत्री अनिल विज ने सुना और अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए। करनाल से आए व्यक्ति ने उसकी बेटी को अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपए ठगी होने की शिकायत की। इस पर गृह मंत्री ने कबूतरबाजी मामलों के लिए गठित एसआईटी को जांच सौंपी। पलवल से आई युवती के परिजनों ने उसके साथ दुराचार होने और आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं करने की शिकायत की। गृह मंत्री ने मामले में पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद को जांच अधिकारी बदल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह अंबाला शहर कपड़ा व्यापारी ने कपड़े के व्यापार में उससे साढ़े सात लाख धोखाधड़ी होने की शिकायत की। इसके अलावा, एक विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न मामले में कार्रवाई नहीं करने, छावनी निवासी व्यक्ति ने उसका हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण सेक्टरों में प्लाट की अलॉटमेंट नहीं होने की शिकायत की। सभी शिकायतों पर मंत्री विज ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।