अंबाला। मेट्रो मोटर के निदेशक व रोटरी इंटरनेशनल के पूर्व डायरेक्टर 74 वर्षीय वाईपीदास का बीमारी के चलते निधन हो गया। 20 सितंबर को ही वाईपीदास ने दिल्ली में कोरोना से जंग जीत ली थी, लेकिन फेफड़ों में इंफेक्शन के चलते उनका आक्सीजन लेवल अचानक कम होने के कारण उनका देहांत हो गया। उनकी मौत की खबर लगते ही अंबाला के समाजसेवियों के अलावा कारोबारियों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों को मोबाइल के माध्यम से ही लोगों ने सांत्वना दी। वाईपीदास की परिवार में अब पत्नी मंजू दास, बेटा मानव दास व बेटी मानसी दास ने बताया कि कारोबारी के साथ-साथ वह समाजसेवी भी थे। उनके चचेरे भाई विजेंद्र दास ने बताया कि 5 सितंबर को वाईपी दास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। दो दिन बाद 7 सितंबर को ही उन्हें उपचार के लिए दिल्ली साकेत के मैक्स अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। डाक्टरों ने भी माना कि उनकी मौत कोरोना से नहीं, बल्कि सांस लेने की दिक्कत के चलते आक्सीजन लेवल कम होने के कारण हुई।
कारोबार में बनाई पहचान, समाजसेवी कर दिलों में बस गए वाईपी दास
23 सितंबर 1946 को जन्मे वाईपीदास ने न केवल अपने कारोबार को फलक तक पहुंचाकर अंबाला का नाम चमकाया और अपनी पहचान बनाई, बल्कि समाजसेवा के कार्यों में भी बढ़ चढ़कर योगदान देकर लोगों के दिलों में भी बस गए। चाहे फिर 1969 में उनके द्वारा बनाया गया अंबाला में पहला कम्यूनिटी सेंटर हो, जिसे आज उनकी बहन रुकमणी देवी हॉल के नाम से जाना जाता है, वहीं डीसी रोड पर वुमन स्कूल के अलावा पोप की बगीची में हनुमान मंदिर। लेकिन अपने जन्म दिन से एक दिन पहले ही उनका बीमारी के चलते उनका निधन हो गया।