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Ambala News: खराब ई-स्कूटी वापस लेकर नई देने और 11 हजार मुआवजा देने के आदेश

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आठ दिन में ही खराब हो गई थी ओला स्कूटी, जिला उपभोक्ता आयोग ने 45 दिन में फैसला लागू करने को कहा आदेश नहीं मानने पर हो सकती है सजा
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माई सिटी रिपोर्टर

पानीपत। नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के महज आठ दिन बाद ही उसमें तकनीकी खराबी आ गई। कंपनी के तकनीशियनों से मरम्मत कराने के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई तो ग्राहक ने जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में शिकायत दी। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने खराब स्कूटी वापस लेकर ग्राहक को नई स्कूटी देने और मानसिक प्रताड़ना व मुकदमे के खर्च के रूप में 11 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

डाहर गांव निवासी सतीश कुमार ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि उन्होंने 22 मार्च 2024 को ओला कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी 1,22,614 रुपये में बुक की थी। पांच जुलाई 2024 को उन्हें स्कूटी की डिलीवरी मिली। आठ दिन बाद 13 जुलाई को ही इसमें तकनीकी खराबी आ गई। कंपनी के तकनीशियनों ने 24 जुलाई को स्कूटी ठीक कर लौटाई, लेकिन अगले ही दिन 25 जुलाई को वह फिर बंद हो गई।
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सतीश ने एक अगस्त को एजेंसी से स्कूटी बदलने की मांग की, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों ने इन्कार कर दिया। कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तब सतीश ने जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में शिकायत की।
सुनवाई के बाद आयोग ने आदेश दिया कि संबंधित कंपनी 45 दिन के भीतर खराब स्कूटी वापस लेकर ग्राहक को नई स्कूटी दे और 11 हजार रुपये का मुआवजा अदा करे। आदेश का तय समय में पालन नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 71 के तहत निष्पादन और धारा 72 के तहत सजा व अभियोजन की कार्रवाई हो सकती है।
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नया वाहन चलाने का आनंद तक नहीं ले पाया ग्राहक

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य डॉ. रेखा चौधरी व विनीत कौशिक की पीठ ने फैसले में कहा कि नया वाहन खरीदने के दो महीने के भीतर ही उपभोक्ता उसका उपयोग नहीं कर सका। यह वाहन में गंभीर तकनीकी खराबी को दर्शाता है। पूरा भुगतान करने के बावजूद ग्राहक को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी और वह वाहन चलाने का आनंद तक नहीं ले पाया।
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