अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल से बिना अनुमति स्क्रैप बेचने के पर्दाफाश होने के बाद आखिरकार अस्पताल प्रबंधन ने पारदर्शिता अपनाते हुए शुक्रवार को खुली बोली करवाई। विवादों के साये में हुई इस नीलामी प्रक्रिया में अंबाला के अलावा कैथल, पानीपत, चंडीगढ़ आदि से करीब 45 कबाड़ी पहुंचे थे।
80 हजार रुपये से शुरू हुई बोली महज 1 लाख 11 हजार 111 रुपये में सिमट गई। यह खुली बोली अस्पताल के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित हुई थी। इस बोली को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने उपायुक्त अंबाला डॉ. अजय सिंह तोमर के संज्ञान में डाला था। बाकायदा सीएमओ डॉ. राकेश सहल की तरफ से डॉ. मयंक इस बोली में शामिल थे।
कौन बेच रहा था स्क्रैप, अभी तक नहीं हुआ खुलासा
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से महज एक माह से भी कम समय में स्क्रैप की खोली बोली करवा दी गई। स्क्रैप की बोली तो हो गई लेकिन अभी तक यह उजागर नहीं हो पाया है कि 10 जनवरी को अस्पताल से गत्ते की आड़ में स्क्रैप किसके द्वारा बेचा जा रहा था। अस्पताल प्रबंधन की जांच के बाद भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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अमर उजाला ने किया था इस गोलमाल का खुलासा
बता दें कि कैंट के नागरिक अस्पताल परिसर में नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति स्क्रैप बेचा जा रहा था। इस लापरवाही और अनियमितता के मामले को अमर उजाला ने 12 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला उठने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में गत्ते की आड़ में निकले स्क्रैप को पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल ने वापस मंगवा लिया था। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुलदीप ने यह मामला उजागर होने के बाद जांच के निर्देश दिए थे। उसके बाद ही आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक नीलामी की सूचना निकाली थी।
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नियमों के मुताबिक डॉक्टरों की टीम व अन्य स्टाफ की निगरानी में स्क्रैप की खोली बोली करवा दी गई है। जो स्क्रैप बच गया है उसमें से ज्यादातर सामान दुरुस्त होने वाला है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में स्टोर या कंडम घोषित किए गए सामान के निपटारे के लिए पूरी तरह से सरकारी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
डॉ. पूजा पेंटल, पीएमओ अंबाला कैंट
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अमर उजाला में ़13 जनवरी को प्रकाशित समाचार
अमर उजाला में ़13 जनवरी को प्रकाशित समाचार