अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 से 11 फरवरी तक सर्जिकल सप्ताह चलाया गया। इस अभियान में मरीजों ने सर्जरी करवाने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। इन सात दिनों में शहर के जिला नागरिक अस्पताल में 64 और छावनी के नागरिक अस्पताल में 63 सर्जरी विभिन्न विभागों में की गई। वहीं, सबसे ज्यादा सर्जरी नेत्र विभाग की ओर से की गई।
नेत्र विभाग में रोजाना चेकअप के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। फरवरी माह के आखिर तक भी मरीजों के ऑपरेशन लंबित हैं, क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के तहत नागरिक अस्पताल में ही आंख की मोतियाबंद की सर्जरी होने पर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सुखप्रीत सिंह ने बताया कि शहर व छावनी अस्पताल में 127 सर्जरी की गई। संवाद
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पीएचसी व सीएचसी स्तर पर मरीजों में जागरूकता का अभाव
जिला स्तर पर सर्जरी की कम संख्या का कारण यह भी देखा जा रहा है कि ग्रामीण स्तर पर आयुष्मान योजना को लेकर किन-किन बीमारियों का इलाज नागरिक अस्पताल में किया जा रहा है, इसकी जागरूकता का अभाव लोगों में है। नेत्र विभाग में तो मरीज ऑपरेशन को लेकर पहुंच रहे हैं, मगर सामान्य सर्जरी, कूल्हा, घुटना बदलवाना, हड्डी रोग संबंधित सर्जरी में मरीजों की संख्या कम देखी जा रही है। वहीं, बीते नवंबर माह से स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 बीमारियों का इलाज आयुष्मान के तहत नागरिक अस्पताल में ही किया जा रहा है। इन बीमारियों का इलाज निजी अस्पताल में बंद किया गया है।