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Ambala News: नागरिक अस्पताल में कूल्हे व घुटने बदलने के लिए एक से दो माह करनी होगी प्रतीक्षा

Fri, 06 Feb 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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प्रमोद कुमार, मरीज - फोटो : 1
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अंबाला। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में हड्डी रोग की छह बड़ी सर्जरियां बंद होने के बाद नागरिक अस्पतालों की ओपीडी की व्यवस्था चरमरा गई है। रोकी गई हड्डी रोग की छह बड़ी सर्जरियों के बाद नागरिक अस्पताल में मरीजों का दबाव करीब 15 गुना तक बढ़ गया है। पहले जहां घुटना व कूल्हे प्रत्यारोपण के ऑपरेशन के लिए 15 से 20 दिन का समय मिलता था वो प्रतीक्षा एक से दो माह तक पहुंच गई है। घुटनों के लिए मरीजों को एक माह तक इंतजार करना पड़ रहा है तो कूल्हे के लिए दो महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि जिले के करीब हड्डी रोग के 35 निजी आयुष्मान पैनल से जुड़े अस्पतालों में यह ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं जिससे मरीजों को इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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दवा के सहारे कट रहे मरीजों के दिन
निजी अस्पतालों से निराश होकर नागरिक अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों के लिए परेशानी ओर बढ़ गई है। पहले निजी अस्पतालों में तो चंद दिनों में ही ऑपरेशन हो जाता था। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आते ही मरीजों की लंबी कतार देखने को मिलती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी बढ़ती संख्या को देखते हुए हर मरीज को वेटिंग पर रख रहे हैं। ऑपरेशन की डेट तक दवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। राहत की बात यह है कि इन ऑपरेशन में देरी होने पर मरीज की हालत गंभीर नहीं हो जाती है। इसलिए दवाओं के सहारे उनके दर्द का निवारण किया जा रहा है।
सप्ताह में चार दिन ऑपरेशनों के बाद मरीजों को मिल रहा उपचार
हड़्डी रोग विशेषज्ञों ने भी सप्ताह में अपने ऑपरेशनों के दिनों को बढ़ा दिया है। अंबाला कैंट में हड्डी रोग विशेषज्ञों की संख्या चार है। जो सप्ताह में चार दिन ऑपरेशन करते हैं। डॉ. अश्वनी मोदगिल सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन कर मरीजों के कूल्हे बदल रहे हैं तो वहीं डॉ. अमन सैनी सप्ताह में एक दिन ऑपरेशन करते हैं। बाकी दिन ओपीडी में आने वाले व वार्ड में दाखिल मरीजों का उपचार किया जाता है। इसके अलावा ओपीडी में डॉॅ. विनोद कम्बोज भी है।
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कूल्हे के असहनीय दर्द के बीच चलना तक हुआ मुश्किल
घसीटपुर निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि तीन साल से वह कूल्हे के दर्द से परेशान है। समय के साथ-साथ दर्द भी इस कद्र बढ़ गया है कि बिना सहारे के चलना भी मुश्किल हो गया है। असहनीय दर्द के चलते निजी अस्पताल गए तो वहां से अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। यहां भी ऑपरेशन करवाने मरीजों की संख्या काफी अधिक है। उम्मीद है कि दो माह के भीतर उनका भी नंबर आ जाए।
निजी में बंद करवाया है तो सरकारी में बढ़नी चाहिए संख्या
अंबाला सिटी निवासी तोता राम ने बताया कि निजी अस्पतालों में इन ऑपरेशन पर रोक लगा गई है तो नागरिक अस्पतालों में हड्डी विशेषज्ञों की संख्या में भी इजाफा होना चाहिए। जो तीन से चार डॉक्टर है उन पर पहले ही ओपीडी व ऑपरेशनों का भार है। असहनीय दर्द होने पर नागरिक अस्पताल आए है। अभी तो जांचें चल रही है। फिर दवाई दी जाएगी। ऑपरेशन में समय लगना तय है।
निजी अस्पतालों में कूल्हे व घुटने बदलने के ऑपरेशन आयुष्मान के तहत बंद होने पर नागरिक अस्पतालों की ओपीडी में मरीज जरूर बढ़े हैं। आने वाले मरीजों को ऑपरेशन के लिए समय देकर बुलाया जा रहा है। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता पर रखा जा रहा है। ओपीडी में आने वाले हर मरीज को उपचार दिया जा रहा है।
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डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला

प्रमोद कुमार, मरीज- फोटो : 1

प्रमोद कुमार, मरीज- फोटो : 1

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