अंबाला सिटी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत लगातार दूसरे दिन निजी स्कूलों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने मंगलवार सुबह सर्वप्रथम पुलिस लाइन में सेंट जोसेफ स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में टीम ने स्कूल बसों को चेक किया। स्कूल में एक बस में कई कमियां मिलने पर बस को सीज कर दिया।
इसके उपरांत टीम ने पंजोखरा साहिब में फादर इंटरनेशनल स्कूल और माइंड ट्री स्कूल का भी निरीक्षण किया। फादर इंटरनेशनल स्कूल में भी एक बस को कमियां मिलने पर इंपाउंड किया गया, जबकि माइंड ट्री स्कूल की बसों में कमी नहीं पाई गई। स्कूल में शिकायत बॉक्स और शिक्षक परिचय न होने की कमी को पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, टीम ने स्कूलों में बसों में कमियां मिलने पर मौके पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान भी किए गए।
इस टीम में आयोग सदस्य अनिल कुमार व श्याम शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, आरटीए सचिव सुशील कुमार, बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन रणजीता, ट्रैफिक इंचार्ज सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र, जिला बाल संरक्षण इकाई से रोबिन सैनी शामिल रहे।
बस में नहीं मिले स्पीड गवर्नर, जीपीएस सिस्टम
शहर पुलिस लाइन के सेंट जोसेफ स्कूल में छह बस को टीम ने चेक किया। एक बस में इमरजेंसी नंबर नहीं लिखा मिला। फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। स्पीड गवर्नर व जीपीएस सिस्टम नहीं मिला। बस के टॉयर भी घिसे मिले। अग्निशमन यंत्र भी नहीं था। इस बस को टीम ने सीज कर दिया। बस को पुलिस लाइन में खड़ा किया गया। इसके अलावा बाकी पांच बस में जो कमियां पाई गई। इन कमियों को पूरा करने के लिए आयोग टीम ने निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल में शिकायत बॉक्स खाली मिला और उसका रिकॉर्ड भी देखा गया। साथ ही फायर एनओसी भी देखी। यह चीजें ठीक मिली।
फादर इंटरनेशनल की नाै में से एक बस इंपाउंड
पंजोखरा साहिब के फादर इंटरनेशनल स्कूल में आयोग की टीम ने नाै बस को चेक किया। एक बस में स्पीड गवर्नर नहीं मिला। अग्निशमन यंत्र भी बस की लंबाई के अनुसार छोटे थे। बस के अंदर सीसीटीवी कार्य नहीं कर रहे थे। फर्स्ट एड बॉक्स में पूरी दवाइयां नहीं मिली। इस बस को इंपाउंड किया गया। वहीं, महिला अटेंडेंट से टीम ने बस का इमरजेंसी डोर भी खुलवाकर चेक किया, मगर खोल नहीं पाई। इसके अलावा बाकी बस में भी कुछ कमियां पाई गई, इन कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
माइंड ट्री स्कूल में नहीं मिला शिकायत बॉक्स
इसके उपरांत माइंड ट्री स्कूल में 25 बसों को आयोग टीम ने चेक किया। यहां सभी बस की स्थिति सही पाई गई। इस स्कूल में शिक्षकों का परिचय लगा नहीं मिला कि कौन सा शिक्षक किस विषय का है। साथ ही शिकायत बॉक्स भी लगा नहीं मिला। आयोग ने तीन दिन में इन कमी को पूरा करने के निर्देश दिए। तीन दिन में इसकी फोटो खींचकर भेजने के लिए भी शिक्षा विभाग व बाल कल्याण समिति को भेजने के निर्देश दिए। पॉश कमेटी का भी गठन करने के निर्देश दिए। स्कूलों में सुबह नाै से शाम चार बजे तक चेकिंग की गई। वहीं, बीते सोमवार को छावनी के सिसिल कान्वेंट स्कूल में 12 बसें चेक की गई थी। इसमें जो कमियां पाई गई थी। उनको पूरा करने के निर्देश दिए गए। स्कूल की बसों के दस्तावेज पूरे थे, लेकिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और अन्य खामियां मिली थी। उनका मौके पर चालान किया था। आयोग सदस्यों की ओर से स्कूलों में निरीक्षण के दौरान सुझाव पेटिका, शिक्षा के महत्व, पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम जैसे विषयों पर स्कूलों में विभित्र योजनाओं की जानकारी ली गई। आयोग सदस्य बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन के कार्यालय में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में यह कैंपेन चलाया जा रहा है और समय-समय पर चलाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए कि समय-समय पर बसों की चेकिंग की जाए।
वर्जन
निजी स्कूलों में बसों को चेक किया गया। स्कूल बसों में जीपीएस, पीटी जेड कैमरा, अग्निशमन यंत्र होने जरूरी हैं। कई बसों में कैमरे लगे थे, लेकिन वह चल नहीं रहे थे। इसके साथ ही अन्य कई कमियां स्कूलों की बसों में मिली है। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अवहेलना को सहन नहीं किया जाएगा। आयोग की ओर से पूरे प्रदेश में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। छुट्टी के दिन भी सभी स्कूल बंद रहेंगे। अगर किसी जिले में कोई स्कूल इन निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग।