संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की शिक्षा विभाग की योजना फिलहाल दिशा-निर्देशों के अभाव में अटक गई है। विभाग ने जिले के 97 सरकारी स्कूलों के खातों में एक-एक लाख रुपये की अनुदान राशि तो भेज दी है, लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन जारी न होने से स्कूल मुखिया भारी असमंजस में हैं।
विभाग की ओर से स्पष्ट हिदायत दी गई है कि जब तक खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और स्कूल प्रभारियों को लिखित गाइडलाइन नहीं मिल जाती, तब तक इस राशि में से एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना दिशा-निर्देश के बजट खर्च करने वाले प्राचार्यों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने 16 सितंबर को पत्र जारी कर कुल 97 लाख रुपये की राशि स्कूलों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। इस बजट का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसरों में बने खेल मैदानों का रखरखाव, समतलीकरण और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट) की खरीदारी करना है।
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कार्रवाई के डर से नहीं छू रहे राशि
बजट खातों में पड़े होने के बावजूद स्कूल प्रशासन इसका लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। प्राचार्यों का कहना है कि नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई का डर बना हुआ है, इसलिए जब तक शिक्षा विभाग से खरीदारी और निविदा प्रक्रिया से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होते, तब तक खेल मैदानों के सुधार या सामग्री की खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।
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शिक्षा विभाग ने जिले के 97 स्कूलों के लिए कुल 97 लाख रुपये का खेल फंड जारी किया है। इसके तहत एक-एक लाख रुपये की राशि स्कूलों के खाते में डाल दी गई है। इसके खर्च के लिए गाइडलाइंस का इंतजार है। इस संबंध में मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है।
- सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।