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Ambala News: रैली में बिगड़ी बुजुर्ग की तबीयत, बेटा बोला चिकित्सक ने की अभद्रता

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अंबाला। पीएम की रैली में पहुंचे एक बुजुर्ग की तबियत बिगड़ने पर जब वह उपचार के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में पहुंचा तो वहां पर डॉक्टर द्वारा उसके साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है।
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उपचाराधीन अंबाला शहर निवासी अमरदेव गुप्ता के पुत्र जितेश गुप्ता ने चिकित्सक पर आरोप लगाया कि वह अपने पिता के साथ पीएम की रैली में गए थे। इस दौरान उसके पिता अमरदेव का पर्स चोरी हो गया। गर्मी और घबराहट से उसके पिता की तबियत बिगड़ गई। उपचार के लिए जब वह अपने पिता को लेकर शहर के नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पहुंचा तो वहां डयूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसके पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके चलते जितेश और डॉक्टर के बीच बहस हो गई। जब मामला पीएमओ डॉ. संगीता गोयल के संज्ञान में आया तो उन्होंने डॉक्टर को तुरंत ड्यूटी से हटाकर दूसरे को जिम्मेदारी सौंप दी। पीएमओ ने कहा कि सोमवार को डॉक्टर पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बुजुर्ग का उपचार किया जा रहा है।
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काला रंग बना मुसीबत, पार्षद सहित सैकड़ों नहीं पहुंच सके पंडाल तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने पहुंचे कई लोगों के लिए काला रंग मुसीबत बन गया। जहां आमजन को इसका खामियजा भुगतना पड़ा, वहीं नारायणगढ़ से भाजपा के पार्षदों को भी इसकी पीड़ा झेलनी पड़ी और वो पंडाल तक नहीं पहुंच पाए। उन्हें रैली से बैरंग लौटना पड़ा। वहीं कुछ महिलाएं कमल के फूल से बनी साड़ी को धारण करके आईं, लेकिन साड़ी के नीचे पहने काले रंग के ब्लाउज ने रंग में भंग डाल दिया और पुलिस ने उन्हें पंडाल तक जाने से रोक दिया। ऐसी ही पीड़ा सैकड़ों लोगों ने झेली जो हैरान व परेशान रहे।
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भीषण गर्मी और 43 डिग्री से भी अधिक तापमान के बीच रैली स्थल तक पहुंचने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि इस दौरान कुछ बच्चों की तबीयत भी खराब हो गई, जिन्हें मौके पर तैनात एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि जो लोग पंडाल तक नहीं पहुंच पाए थे, उन्होंने रैली स्थल के बाहर ही सड़क पर बैठकर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुना। वहीं कार्यकर्ताओं की दीवानगी ऐसी थी कि वो भाषण के दौरान ही प्रधानमंत्री और लोकसभा प्रत्याशी बंतो कटारिया का कटआउट हाथों में लेकर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए। इस दौरान अधिकांश लोगों ने बताया कि वो तो सिर्फ मोदी की एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए आए हैं। यही कारण रहा कि बीच भाषण ही काफी लोग रैली स्थल से अपने घरों की तरफ चल पड़े थे तो वहीं कुछ पुलिस द्वारा उतरवाए गए सामान जैसे टी-शर्ट, जुराबें, काली टोपी, बैग, पर्स आदि को ढूंढते नजर आए। वहीं कुछ सेल्फी लेते, आपस में मंत्रणा करते और सुस्ताते नजर आए।


आकर्षण का केंद्र रहे परिधान
पीएम की रैली में सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र कमल के फूल से संबंधित साड़ी थी जो कि महिलाओं को काफी भा रही थी। वहीं कुछ युवा भगवा रंग की टी-शर्ट में नजर आए। इस दौरान टोपी, पंखे और अन्य परिधान भी लोगों ने काफी पसंद किए।

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पार्षदाें को भी नहीं मिली एंट्री, सीएम से करेंगे बात

संकल्प रैली में शामिल होने के लिए नारायणगढ़ के वार्ड 12 और वार्ड सात से दो पार्षद कुलवंत सिंह और नवीन नामदेव भी पहुंचे थे। उन्होंने काले जूते पहने हुए थे। इस कारण उन्हें पंडाल में जाने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर बात करेंगे।



फोटो: 30, 31

गर्मी के कारण वापस लौटे

अंबाला के बिशनगढ़ से आई महिला सुमित्रा ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ संकल्प रैली में शामिल होने के लिए आई थी। गर्मी के कारण उसके चार वर्षीय पुत्र यूबी को घबराहट होने लगी। मजबूरन उन्हें घर की ओर लौटना पड़ा। इधर अंबाला छावनी के महेश नगर से अपने दोस्तों के साथ आए कार्तिक की गर्मी के कारण हालत बिगड़ गई। पंडाल परिसर में खड़ी एंबुलेंस कर्मचारियाें ने उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद भेज दिया।

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पेंटिंग ले जाने पर नहीं मिली एंट्री

संकल्प रैली में किसी भी प्रकार का पोस्टर या तस्वीर लेकर जाने की मनाही थी। अंबाला शहर के रंजीत नगर निवासी अनिल कुमार अपनी दोनों बेटियाें के द्वारा बनाई गई पेंटिंग को लेकर रैली में शामिल होने के लिए आए थे। पेंटिंग के साथ उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया। अनिल ने बताया कि उसकी बेटियां दिव्या व प्रिया ने 20 दिनों की कड़ी मेहनत से यह पेंटिंग बनाई थी।मजबूरन उसे पेंटिंग बाहर ही छोड़नी पड़ी।

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काली पैंट और ब्लाउज के कारण नहीं मिला प्रवेश

संकल्प रैली में आए कुछ लोग काली पैंट व काली टीशर्ट पहने नजर आए। इससे उन्हें रैली में आने की अनुमति नहीं मिली। अंबाला छावनी के महेश नगर से आई सोनिया तनेजा ने बताया कि उन्होंने कमल के फूल वाली साड़ी के नीचे काले रंग का ब्लाउज पहना हुआ था। इसलिए उन्हें रैली में जाने नहीं दिया गया। सोनिया ने कहा कि एक रात पहले ही साड़ी उन्हें मिली थी। ऐसे में अब उन्हें वापस ही लौटना पड़ेगा।
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