सालों से सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहे अंबाला कैंट सिविल अस्पताल का भाग्य अब एक अलग तरीके से ही जागने वाला है। क्योंकि अंबाला कैंट के विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से भले ही इस अस्पताल को नया भवन मिल रहा हो, लेकिन अब इन्ही प्रयासों के चलते अंबाला कैंट में बनने वाले अस्पताल वल्र्ड क्लास स्टैंडर्ड का होगा। शुरुआती दौर में ही अंबाला कैंट सिविल अस्पताल के इस स्टैंडर्ड को तैयार किया जाए, इसके लिए मंत्री के निर्देश पर एनएबीएच (नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हास्पिटल) की स्पेशल टीम ने शनिवार को कैंट सिविल अस्पताल का बारीकि से निरीक्षण किया। इस टीम ने अस्पताल के कंस्ट्रक्शन प्लान से लेकर वहां भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं पर स्वास्थ्य महकमे के अफसरों से गहन चर्चा की और अंतत: उन्हे कई ऐसे सुझाव दिए, जो वल्र्ड क्लास अस्पताल के लिए बेहद जरूरी है।
बता दें कि ये संस्था देश में ऐसे प्राइवेट अस्पतालों को एनएबीएच का एक्रीडेशन सटफिकेट जारी करते हैं, जहां सुविधाएं वल्र्ड क्लास हो। अभी तक ये सर्टिफिकेट केवल बड़े प्राइवेट अस्पताल ही प्राप्त करने में सक्षम हो पाते थे, लेकिन अब हरियाणा में 64 सरकारी अस्पतालों को इन सर्टिफिकेट दिलवाए जाने हैं, जिसकी शुरूआत सेहत मंत्री के अपने गृहक्षेत्र अंबाला कैंट से होगी।
एनएबीएच की टीम के सुझावों के बाद अब स्वास्थ्य महकमा अंबाला कैंट सिविल अस्पताल के प्लान में जरूरी बदलाव करेगा, ताकि इसी स्टेज पर उन सभी मानकों को पूरा कर लिया जाए, जो वल्र्ड क्लास अस्पताल के जरूरी है और बाद में इसी तर्ज पर उन्हे एनएबीएच के स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट प्राप्त करने में कोई अड़चन न हो। शनिवार को अंबाला आई इस विशेष टीम में डाक्टर आकाश सूद, डाक्टर जितेंद्र शर्मा और डाक्टर कमल शर्मा मौजूद रहे। जबकि चीफ मेडिकल अफसर डाक्टर विनोद गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर आदित्य चौधरी, एक्सईएन पीके सिंगला समेत अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
इन स्टैंडर्ड के साथ तैयार होगा वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल
-नए सुझावों के तहत सिविल अस्पताल में ऑपरेशन का ब्लाक पूरी तरह अलग रखा जाएगा
-एक ही ब्लाक में आर्थो, जनरल, ईएनटी, आंख और स्त्रीरोग संबंधी सर्जरी (ऑपरेशन) होंगे।
-ये ऑपरेशन ब्लाक पूरी तरह से क्रासिंग लैस होगा यानि ब्लाक में केवल मरीज की ही एंट्री होगी, तीमारदार ब्लाक से दूर रहेंगे।
-ऑपरेशन करने वाले डाक्टर सर्जरी से पहले वहीं ब्लॉक में स्र्टलाइज (शुद्ध किए गए) कपड़े पहनेंगे और फिर ऑपरेशन थिएटर में जांएगें, मरीज भी यही वस्त्र पहनकर एंट्री करेगा
- ऑपरेशन थिएटर की एंट्री अलग होगी और एग्जिट अलग होगा
-ऑपरेशन से पहले मरीज जिस रास्ते से आएगा, उस रास्ते से वापस नहीं जाएगा
- इसी तरह ऑपरेशन का सामान भी पूरी तरह से स्र्टलाइज होगा
-ऑपरेशन के बाद मरीज के क्षोम वस्त्र बिल्कुल अलग रास्ते से बाहर वेस्ट हेतु जाएंगें
-मरीज को आक्सीजन देने का देसी जुगाड़ खत्म करना होगा
-सिलेंडर पर लगे सूईनुमा यंत्र से मरीज को आक्सीजन नहीं दी जाएगी
-आक्सीजन देने के लिए पूरी तरह से एडवांस सेटअप लेगा, आक्सीजन कैल्कुलेशन पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होगी
-मशीन से ही मरीज को दी जाने वाली आक्सीजन की प्रतिशत, एक्यूरैसी और आर्द्रता सैट की जाएगी। आक्सीजन सप्लाई को भी सेंट्रल किया जाएगा, जबकि अभी सूई के जरिए अंदाजन ही मरीज को आक्सीजन देने का काम सरकारी अस्पतालों में चलता है।
-जिन वार्डों में मरीज रहेंगे, वहां वेंटीलेशन मानक अनुसार होगी, वहां का तापमान और एग्जास्ट की व्यवस्था भी मानक अनुसार होगी
- एक्स-रे का सैटअप पूरी तरह से अलग ब्लॉक में होगा और मानक अनुसार होगा
- सिटी स्कैन के बाद मरीज व तीमारदार को रिपोर्ट लेकर इधर-उधर भागना नहीं होगा, रिपोर्ट ऑनलाइन होगी, जिसे कोई भी डाक्टर देख सकेगा। इस ब्लॉक के भी अलग स्टैंडर्ड रहेंगे।
-अस्पताल में कोरिडोर और मरीजों व तीमारदारों के लिए वैटिंग हॉल भी खास स्टैंडर्ड के मुताबिक होगा, वहां किसी तरह की घुटन व बदबू न हो
-दवाओं के स्टॉक को रखने की व्यवस्था, वहां का तापमान भी अलग तरीके से मानक अनुसार तय होगा।
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पिछली सरकारों ने अंबाला कैंट अस्पताल के साथ बहुत ज्यादा राजनीतिक रंजिश के चलते भेदभाव किया। अंबाला कैंट का ट्रॉमा सेंटर तक भेदभाव के चलते अंबाला सिटी शिफ्ट करवा दिया गया। यहां कैंट अस्पताल को सुविधाओं से पूरी तरह महरूम रखा गया, लेकिन जो अब कैंट सिविल अस्पताल वल्र्ड क्लास स्टैंडर्ड का तैयार होगा, अस्पताल के साथ जो राजनीतिक रंजिशन भेदभाव हुआ, उसकी भरपाई अब खट्टर सरकार पूरा कर देगी।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार-
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एनएबीएच की टीम ने कई सुझाव ऐसे दिए हैं, जिन पर इसी स्टेज पर काम करने की जरूरत थी, यदि भवन पूरी तरह से तैयार हो जाता, तो बाद में वल्र्ड क्लास हॉस्पिटल के स्टैंडर्ड को पूरा करने में दिक्कत आती। अब जो सुझाव टीम ने बताए हैं, उसके मुताबिक ही प्लान में संशोधन कर भवन को उसी तरह से तैयार किया जाएगा। अंबाला के लोगों के लिए ये एक बड़ा तोहफा होगा।
-डाक्टर विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला-