अंबाला सिटी। स्ट्रोक के मरीजों को अब छावनी की तरह अंबाला सिटी में भी उपचार मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग अब अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में भी स्ट्रोक के मरीजों को उपचार देगा।
इसके लिए विभाग ट्राॅमा सेंटर के चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी देगा। इसमें मरीजों के उपचार और अन्य जरूरी जानकारी दी जाएगी। इसके बाद स्ट्रोक के मरीजाें की देखभाल के लिए अलग से वार्ड भी बनाने की योजना चलाई जाएगी। बीते लंबे समय से स्ट्रोक के मरीजों को छावनी के नागरिक अस्पताल में भी रेफर किया जाता है। इसी कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को समय पर उपचार भी नहीं मिल पाता।
हादसों से भी हो सकता है स्ट्रोक
कई बार हादसों में चोटिल होने के कारण भी मरीज को स्ट्रोक आ जाता है। इससे मरीज दिव्यांग भी हो सकता है। इसलिए समय पर उपचार मिलना जरूरी हो जाता है। मगर सिटी नागरिक अस्पताल में स्ट्रोक के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए ऐसे मरीजों को छावनी के नागरिक अस्पताल में ही भेजा जाता है।
मधुमेह और रक्तचाप से भी परेशानी
किसी मरीज को मधुमेह और रक्तचाप की बीमारी है तो उसे स्ट्रोक आने की संभावना अधिक रहती है। जिले में करीब 20 हजार मरीज शुगर से पीड़ित हैं। वहीं, 25 हजार मरीज रक्तचाप की बीमारी से ग्रस्त हैं। मगर समय पर टीका लगाया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। डॉ. नीलम कुश्वाह ने बताया कि यह टीका बाजार में करीब सात हजार रुपये का आता है। इसे नागरिक अस्पताल छावनी में निशुल्क लगाया जाता है। मरीजों के मामलों को देखते हुए अस्पताल में टीके की उपलब्धता कराई जाती है।
वर्जन
पहले मरीजों के उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों का वार्ड भी अलग किया जाएगा।इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा सके।
-डॉ. नीलम कुश्वाह, डिप्टी सीएमओ, अंबाला।