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Ambala News: अब काश्त के कॉलम में दर्ज लोगों को मिलेगा मालिकाना हक

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अंबाला। प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त और मालिकाना हक को लेकर सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। राजस्व विभाग ने हरियाणा भू-राजस्व अधिनियम, 1887 की धारा 32 के तहत जमाबंदी (रिकॉर्ड-ऑफ-राइट्स) के विशेष संशोधन के आदेश जारी किए हैं। इस कदम से उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी, जिन्होंने जमीन तो खरीदी थी, लेकिन उनका नाम केवल खेती (काश्त) के कॉलम में दर्ज था, मालिकाना हक (स्वामित्व) में नहीं ।
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ये थी समस्या
अब तक कई मामलों में सह-साझेदारों द्वारा बेची गई जमीन का रिकॉर्ड जमाबंदी के कॉलम नंबर 5 (खेती/खाना काश्त) में तो दर्ज कर लिया जाता था, लेकिन कॉलम नंबर 4 (मालिकाना हक) को अपडेट नहीं किया जाता था। इस विसंगति के कारण जमीन के असल मालिक और कागजी रिकॉर्ड में अंतर पैदा हो गया था, इससे कानूनी सुरक्षा और संपत्ति के पंजीकरण में बाधा आ रही थी।

नए आदेशों की मुख्य बातें
अब सभी राजस्व अधिकारियों (सीआरओ) को निर्देश दिया गया है कि जहां भी खरीदार का नाम केवल खाना काश्त में दर्ज है, उसे सुधार कर मालिकाना हक वाले कॉलम में सह-साझेदार के रूप में दर्ज किया जाए, जैसे ही खरीदार का नाम मालिकाना हक में आएगा, जमीन बेचने वाले (विक्रेता) का हिस्सा उसके अनुपात में घटा दिया जाएगा। यदि किसी मालिक ने अपनी कुल जमीन से अधिक हिस्से की रजिस्ट्री कर दी है, तो पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर केवल पहले खरीदारों का ही मालिकाना हक दर्ज होगा, बाकी हिस्से केवल उपलब्ध सीमा तक ही प्रभावी होंगे। इसके अलावा पंचायत देह, शामलात देह या जुमला मालकान जैसी साझा जमीनों पर यह नियम लागू नहीं होगा। ऐसे मामलों का निपटारा केवल सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी द्वारा ही किया जाएगा।
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यह सरकार का एक अच्छा निर्णय है, इससे हजारों लोगों को फायदा होगा, इसके लिए अब ऑनलाइन पोर्टल को अपडेट किया जाएगा।
- ओंकार नाथीं, चीफ पैटर्न, रियल एस्टेट एंड बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन।
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