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Ambala News: अब अंबाला की धरती पर भी उगेगा सेब

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सुखबीर सिंह
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नारायणगढ़। हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के बाद अब अंबाला की धरती पर भी सेब की पैदावार होगा। इसके लिए नारायणगढ़ के चांदसोली में बागवानी अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने काम भी शुरू कर दिया है। केंद्र में इन दिनों सेब की नई किस्म बनाने पर शोध कार्य किया जा रहा है। अंबाला में इस तरह की किस्म पहली बार उगाई जा रही है। अनुसंधान केंद्र में हिमाचल प्रदेश के सोलन से सेब की अन्ना किस्म को लाया गया है।
सेब की इस किस्म को कम ठंडे वातावरण की आवश्यकता होती है। इसलिए केंद्र में इस किस्म को उगाकर उसपर शोध किया जा रहा है। जिससे अंबाला जैसे क्षेत्र में भी सेब की पैदावार की जा सके। इससे आने वाले समय में गर्म क्षेत्रों में भी ठंडे क्षेत्र वाले फलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। अनुसंधान केंद्र के फार्म प्रबंधक डॉ सुनील ने बताया कि यहां पर फिलहाल फलों पर ही शोध किया जा रहा है। वर्तमान में केंद्र के पास कोई फल वैज्ञानिक नहीं है। सेब के शोध के लिए फल वैज्ञानिक करनाल महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय से आते हैं और शोध के लिए सारी जानकारी लेते हैं।
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शोध के दौरान फसल की अलग- अलग किस्मों के साथ पाॅलिनेशन किया जाता है। इसके साथ ही फल का आकार स्वाद और रंग की गुणवत्ता को भी जांचा जाता है। जिसके आधार पर ही नई किस्म का निमार्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई बार शोध में लंबा समय लग जाता है तो कई बार कुछ ही वर्षों में शोध पूरा हो जाता है। इसलिए एक किस्म को बनाने के लिए तीन से चार वर्ष का समय लग जाता है। संवाद
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जल्द शुरू होगा महाविद्यालय
अनुसंधान केंद्र में शोध महाविद्यालय भी बनाया गया है। अगले वर्ष तक यहां पर बीएससी एग्रीकल्चर सहित अन्य कोर्स शुरू होंगे। जिससे बच्चे बागवानी क्षेत्र में अपनी पढ़ाई कर नई- नई खोज कर सकेंगे। इसके साथ ही केंद्र में जल्द ही फल विज्ञान में एमएससी और पीएचडी करने वाले छात्र यहां पर अपने रिसर्च का अध्ययन करेंगे। अभी तक छात्र अलॉट नहीं हुए हैं।
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