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गवर्नमेंट कालेज के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर पर सूचना आयोग ठोका 10 हजार जुर्माना, वारंट जारी

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गवर्नमेंट पीजी कालेज अंबाला छावनी के रिटायर्ड एसोसिएट प्रोफेसर आरडी चालिया को राज्य सूचना आयोग ने वारंट जारी कर दिए हैं। यही नहीं दो अलग-अलग मामलों में ड्यूूटी के दौरान सूचना न देने पर आयोग ने उन्हें दोनों केस में 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना उन्हें निजी कोष से भरने के आदेश दिए हैं। यदि वह 10 दिसंबर तक जुर्माना नहीं भरेंगे तो कालेज की वर्तमान डीडीओ यानी प्रिंसिपल को यह जुर्माना अपने निजी कोष से देना होगा। अब इस मामले में वर्तमान सूचना अधिकारी को 15 नवंबर तक का समय दिया है। साथ ही 16 नवंबर को आरडी चालिया को आयोग में पेश होने के आदेश भी दिए हैं। यदि वह पेश नहीं होते तो आयोग उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी करेगा। जिन दो मामलों में जुर्माना लगाया है और वारंट जारी हुए हैं वह एक मामले में सूचना न देने से जुड़े हैं। आरडी चालिया इस समय पंचकूला में रहते हैं।
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आयोग ने इसलिए उठाया कदम
दरअसल वर्तमान में कालेज में कार्यरत हिंदी प्रोफेसर रमेश मेहरा को 2018 में कालेज के तत्कालीन वाइस प्रिंसिपल और कालेज के राज्य सूचना अधिकारी आरडी चालिया ने एक नोटिस जारी किया। इसमें उन पर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए। कहा गया कि बिना नाम से किसी ने उनके खिलाफ शिकायत दी है। इसका जवाब दें। स्पष्टीकरण देने के लिए प्रोफेसर रमेश मेहरा ने शिकायत की प्रति मांगी। लेकिन आरडी चालिया ने वह नहीं दी। प्रोफेसर रमेश मेहरा ने तत्कालीन प्रिंसिपल पूनम वत्स से भी शिकायत की प्रति मांगी जोकि उन्हें नहीं दी गई। इसके बाद रमेश ने 17 नवंबर 2018 को आरटीआई लगाकर शिकायत की कापी मांग ली। सूचना न देने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी यानी कालेज प्रिंसिपल से सूचना मांगी। दोनों ने जब आरटीआई में भी सूचना नहीं दी तो रमेश मेहरा ने राज्य सूचना आयोग में शिकायत दे दी। आयोग ने मामले में मार्च 2019 में कालेज के राज्य सूचना अधिकारी कम एसोसिएट प्रो. आरडी चालिया को 18 जुलाई तक सूचना उपलब्ध कराने और व्यक्तिगत रूप से आयोग में पेश होने के आदेश दिए। लेकिन इसी बीच 31 मई को आरडी चावला सेवानिवृत्त हो गए। न सूचना दी और न ही आयोग में गए। 18 जुलाई को इस मामले में कॉलेज की वर्तमान प्रिंसिपल जोकि तत्कालीन कालेज की राज्य सूचना अधिकारी थी उन्हें आयोग ने 21 नवंबर को आरडी चालिया को पेश करने और सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए। चालिया नहीं आए न उन्हें सूचना मिली। इस पर सख्ती दिखाते हुए यह कदम उठाया।
25-25 हजार लगेगा जुर्माना
आयोग ने 21 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि इस बार 15 दिसंबर तक सूचना नहीं दी गई तो वर्तमान एसपीआईओ के साथ आरडी चालिया पर 25-25 हजार जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही चालिया की गिरफ्तारी के वांरट भी जारी किए जाएंगे।
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नहीं आई कोई शिकायत, इसीलिए नहीं मिली सूचना
बताया जा रहा है कि डॉ. रमेश मेहरा के खिलाफ गुमनाम भी कोई शिकायत आई ही नहीं। उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने के लिए उनसे स्पष्टीकरण झूठा केस बनाकर मांगा जा रहा था। यही कारण है कि आयोग की फटकार के बाद भी उन्हें शिकायत की प्रति नहीं दी जा रही।
आरडी चालिया का मामला आयोग में चल रहा है लेकिन इस मामले में आयोग ने कोई जुर्माना लगाया है या किसी तरह के वारंट जारी हुए हैं इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। यदि आयोग ने ऐसा जुर्माना लगाया है तो उसकी अनुपालना की जाएगी।
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कमलेश, प्रिंसिपल, डीडीओ, गवर्नमेंट पीजी कालेज, अंबाला
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