संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। करीब दो वर्ष आठ माह में ही जिला परिषद अध्यक्ष राजेश कुमार लाडी की कुर्सी चली गई। नवंबर 2024 के बाद बुधवार को जिला परिषद सदन में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डीआरडीए सभागार में मतदान करवाया गया। चुनाव के लिए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के बाहर और अंदर पुलिस के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
सदन में उपायुक्त अजय सिंह तोमर के नेतृत्व में बैलेट पेपर से मतदान करवाया गया। कुल 15 सदस्यों में से पांच सदस्यों ने अध्यक्ष राजेश कुमार लाडी के पक्ष में और 10 जिला परिषद के सदस्यों ने उनके खिलाफ मतदान किया। ऐसे में चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है।
अब नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसे लेकर जिला परिषद की ओर से राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखा गया है वहीं, जिला परिषद कार्यकारिणी के कार्यकाल के नवंबर में दो वर्ष रह जाएंगे।
हाथ खड़े करवाकर करवाया गया था मतदान, विरोध में हाइकोर्ट पहुंचे थे अध्यक्ष : नवंबर 2024 को जिला परिषद के 15 में से 11 सदस्यों ने उपायुक्त को अपने शपथ पत्र सौंपे थे, उस दौरान जिप सदस्यों का कहना था कि सभी सदस्यों में न ताे ग्रांट का बराबर वितरण हाे रहा है और न ही उनका काेई कार्य किया जा रहा है।
पहली बैठक में दिए गए कार्य भी अब तक सिरे नहीं चढ़ पाए, ऐसे में उनके वार्ड की जनता में भी रोष है। इसके बाद उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 12 नवंबर 2024 में सदन की बैठक बुलाई थी। इस दौरान अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के तहत मतदान होने से उनकी कुर्सी चली गई थी। उस दौरान हाथ खड़े करवाकर ओपन मतदान करवाया गया था। वहीं, जिला परिषद के अध्यक्ष राजेश कुमार लाडी की मांग थी कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए गुप्त मतदान करवाया जाए। इस फैसले के खिलाफ राजेश हाइकोर्ट में चले गए थे। तभी से मामला हाइकोर्ट में विचाराधीन था।
परिषद के पास 25 करोड़ से ज्यादा का पड़ा बजट : करीब डेढ़ वर्ष से जिले के वार्डों में विकास कार्य रुके पड़े हैं। अब यह कार्य होने की उम्मीद जगी है। परिषद के पास करीब 25 करोड़ से ज्यादा का बजट पड़ा है। नवंबर में परिषद के कार्यकाल को तीन वर्ष हो जाएंगे और इसके बाद दो वर्ष का ही समय बचेगा।