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न सुविधाएं मिलीं और न ही समस्याओं से राहत

Thu, 10 Sep 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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नगर निगम बनने के सवा दो साल (पार्षद चुनने के बाद) जनता की समस्याएं हल नहीं हो पाई हैं। यह समस्याएं ट्विन सिटी का हर व्यक्ति झेल रहा है, लेकिन यह समस्याएं दूर होने की बजाए बढ़ रही हैं। यही कारण है कि आम जनता इस मामले में सारा ठीकरा पार्षदों और निगम अधिकारियों पर फोड़ रही है। गंदगी, पानी की निकासी न होना, टूटी सड़कें, आवारा पशु, स्ट्रीट लाइट ऐसी समस्याएं हैं, जिनका समाधान आज तक पूरी तरह से नहीं हो पाया है। वर्ष 2013 में नगर निगम अंबाला के चुनाव हुए थे। इसके बाद लगा था कि ट्विन सिटी की समस्याएं जल्द से जल्द हल होंगी। लेकिन यह समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इन समस्याओं को लेकर हाउस की मीटिंग तक में शोर हुआ, लेकिन समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हां, कुछ योजनाएं शुरु की गई, लेकिन इसका भी फायदा नहीं मिल रहा है। इसी को लेकर लोग भी कहने लगे हैं कि निगम बनने का फायदा कुछ नहीं हुआ। 
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यह है समस्याओं की स्थिति * गंदगी दूर करने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट कुछ माह चलने के बाद बंद हो गया अब कलस्टर बनाकर सफाई अभियान शुरु होगा* बरसाती पानी की निकासी के लिए व्यवस्था नहीं है, कई कालोनियों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं* वार्डों की स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, लेकिन इसकी रिपेयर के लिए कुछ भी व्यवस्था नहीं है* निगम एरिया की कईं सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिनके गड्ढों की मरम्मत के लिए मिट्टी अथवा टूटी ईंटें डालकर भरा जा रहा है* आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, लेकिन विभाग के पास इसके लिए जगह नहीं है, जहां इन आवारा पशुओं को रखा जा सके 

यह कहते हैं लोग निगम बनने के बाद न तो पार्षदों ने ही इच्छा शक्ति दिखाई और न ही निगम अधिकारियों ने कोई खास दिलचस्पी दिखाई। यही कारण है कि समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इनके हल की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सिर्फ दावों में लोगों को राहत दी जा रही है। -संतोष कुमार खींची, समाजसेवी
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यदि पार्षद अथवा अधिकारी चाहें, तो यह समस्याएं हल हो सकती हैं। लेकिन सिर्फ बयानबाजी या फिर दूसरों पर जिम्मेदारी डाली जा रही है। इसी के चलते गंदगी, गंदे पानी की निकासी न होने जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। -कर्ण मल्होत्रा, कारोबारी
निगम द्वारा योजनाएं तो शुरु की जाती हैं, लेकिन उनका पूरा फायदा जनता तक नहीं पहुंचती। गंदगी जैसी समस्या तो आज तक हल नहीं हो पाई, जबकि अब बारिश के दौरान कईं कालेानियों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। यह सब निगम की लापरवाही ही है और कुछ नहीं।-लक्ष्यवीर, आईटी एक्सपर्ट 
निगम के पास जनसमस्याओं का कोई ठोस हल नहीं है। कईं बार सामने आया है कि सफाई कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। मंत्री तक निगम में छापामारी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ खास राहत नहीं मिलती। इसके लिए जरूरी है कि जो योजना बने, उस पर काम पूरा हो तभी राहत मिलेगी। -चंद्र अरोड़ा, कारोबारी 
जनता की समस्याओं को लेकर हाउस की मीटिंग हर बार बहस हुई, लेकिन अफसर कोई जवाब नहीं दे पाए। अब भी यही हालात है, जबकि अधिकारी अपना काम पूरा नहीं कर रहे हैं। हाउस की मीटिंग में अधिकारियों से जवाब तक नहीं मिलते। -रमेश मल, मेयर, नगर निगम, अंबाला 
निगम में कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण काम प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण से काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने रिक्त पदों की सूची मांगी है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पदों पर कर्मचारियों की तैनाती होगी और जनता की समस्याओं का हल किया जाएगा।-डॉ. प्रदीप कुमार हुड्डा, ईओ, नगर निगम, अंबाला
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