कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव आज होंगे। इसके लिए चार अलग-अलग गुट मैदान में उतरे हैं। जिससे मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। सभी गुट अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे है।
उम्मीदवारों ने वीरवार को डोर-टू-डोर जाकर मतदाताओं से वोट की अपील की। मुख्य पदों पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने कई दिनों से डोर-टू-डोर जाकर मतदाताओं से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और अपने चुनावी संकल्पों को साझा किया। पदोन्नति, पारदर्शिता और कर्मचारी सुविधाओं जैसे मुद्दे इस बार प्रचार का केंद्र रहे। 123 मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और नई कार्यकारिणी का चयन करेंगे। एनआईटी कर्मचारी संघ के इस चुनाव में प्रधान पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें पूर्व प्रधान अजय, गौरव अग्रवाल, कुलविंद्र सिंह और राकेश याामिल हैं। उपप्रधान के लिए तीन, संयुक्त सचिव के लिए तीन तथा कोषाध्यक्ष और महासचिव पद के लिए दो-दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। सभी उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और मतदान केंद्र पर अधिक से अधिक वोट जुटाने की रणनीति बनाई।
10 बजे शुरू होगा मतदान
चुनाव अधिकारी बीबी गौतम ने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चलेगा। इसके बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम शाम पांच बजे तक घोषित कर दिए जाएंगे।
इससे पहले चुनावी प्रक्रिया के तहत 27 से 31 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए गए थे। चार नवंबर को नामांकन वापसी की तिथि रही, जबकि छह नवंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए।
चुनाव से एक दिन पहले प्रधान पद के उम्मीदवार का नाम सूची में जोड़ने के हुए आदेश
जिला रजिस्ट्रार, फर्म्स एंड सोसाइटी ने प्रधान पद के उम्मीदवार की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कर्मचारी संघ एनआईटी कुरुक्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल करने के आदेश दे दिए हैं। याचिकाकर्ता के मुताबिक 14 अक्टूबर को जारी मतदाता सूची में उनका नाम था, लेकिन बाद में नई सूची से हटा दिया गया। उन्होंने सदस्यता शुल्क के भुगतान और 2022 के चुनाव लड़ने के प्रमाण भी प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान उत्तरदाताओं ने आपत्ति नहीं जताई। रजिस्ट्रार ने चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। चुनाव से एक दिन पहले वीरवार को नाम जोड़ने के आदेश हुए।