अंबाला सिटी। एनएचएम के तहत काम कर रहे कर्मचारियों पर अब गाज गिर गई है। निदेशालय की ओर से उनके बॉयलॉज लाॅस डीए और अन्य अलाउंस पर रोक लगा दी है। इससे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जिले के लगभग 90 कर्मचारियों पर आर्थिक संकट छा गया।
इससे जिन कर्मचारियों का वेतन 40 हजार होना चाहिए था अब उन्हें 14 हजार रुपये मिलेंगे। इस कारण जिले के कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में केस किया है। तीन से चार दिनों में केस की सुनवाई की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। कर्मचारियों ने इन्हीं मांगों के लिए विधानसभा चुनावों से पहले हड़ताल भी की थी। इसके बाद दिवाली पर कर्मचारियों को लाभ देने की बात कही थी। अगले ही माह इस पर रोक लगा दी गई थी।
600 से अधिक कर्मचारियों पर असर
जिला अंबाला में एनएचएम यूनियन के जिला सचिव डॉ. सुनील हरि ने बताया कि जिले में करीब 600 कर्मचारी एनएचएम के तहत कार्य कर रहे हैं। ऐसे में करीब 100 कर्मचारी ऐसे हैं। जिन्हें पांच वर्ष पूरा होने के बाद बॉयलॉज का लाभ मिलना था, लेकिन एक महीना ही बॉयलॉज का वेतन देकर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं जिन कर्मचारियों को बॉयलॉज के लाभ भी मिल रहे हैं। उनके डीए में भी दो से तीन प्रतिशत की कटौती की गई है।
राज्य स्तर पर बनाएंगे रणनीति
जिला प्रधान तरणदीप सिंह ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जिसके आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।फिलहाल कर्मचारियों ने अपने स्तर पर ही केस दर्ज करवाया है। निदेशालय के इस फैसले से प्रदेश भर के सैकड़ों एनएचएम कर्मचारियों पर संकट के बादल छा गए हैं। जबकि कोरोना सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में एनएचएम के कर्मचारी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसके फलस्वरूप ही विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश स्तर के आंकड़ों में सुधार हुआ है।