अंबाला। फंड की कमी के कारण लगभग दो साल से अटकी नगर परिषद की मल्टीप्लेक्स और फूड कोर्ट की योजना के पूरा होने की आस जग गई है। हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मोड के तहत इस योजना को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर परिषद के पुराने भवन की जगह नई और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक नई इमारत बनाने की योजना अक्टूबर 2021 में तैयार की गई थी। इसका पूरा नक्शा और अन्य रुपरेखा गृहमंत्री को दिखाई गई। उन्होंने आमजन से जुडे़ नप कार्यालय के नए भवन की तुरंत स्वीकृति प्रदान कर दी। फरवरी 2022 में नई इमारत के निर्माण के लिए 66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई थी।
हालांकि इस संबंध में नगर परिषद की ओर से मुख्यालय से सुझाव मांगा गया था ताकि फंड का प्रबंध किया जा सके। मुख्यालय ने नप को अपने स्तर पर ही फंड का प्रबंध करने के निर्देश दिए थे और नप ने अपने स्तर पर फंड जुटाने का भरसक प्रयास किया था।
मौजूदा इमारत हो चुकी कंडम
नगर परिषद का दायरा बढ़ता जा रहा है लेकिन आमजन से जुड़ी सुविधाओं में कमी होती जा रही है। अधिकारियों व कर्मचारियों के कमरों की हालात दयनीय है। पुरानी इमारत की बदसूरती को छिपाने के लिए पीवीसी शीट्स का सहारा लिया जा रहा है। इसके बावजूद रोजाना कहीं न कहीं से प्लास्टर टूटकर नीचे गिर जाता है। गनीमत यह है कि इसकी वजह से अभी किसी को चोट नहीं आई।
मल्टीप्लेक्स का बदल सकता है स्वरूप
फंड की कमी की वजह से नगर परिषद का स्वरूप मल्टीप्लेक्स की तरह तैयार होना था। नए चार मंजिला भवन में फूड कोर्ट, लगभग 100 दुकानें, 50 शोरूम और पार्किंग आदि का निर्माण किया जाना था। अब पीपीपी मोड पर बनाए जाने वाले नप के नए भवन में कुछ बदलाव किया जा सकता है ताकि कर्म खर्च में ही निर्माण हो सके।
सर्किट हाउस में बैठक के दौरान गृहमंत्री ने निर्देश दिए थे कि नप की नई इमारत का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाए। इसकी जल्द ही रुपरेखा तैयार की जाएगी। कारपोरेट और बड़े व्यापारियों से मंत्रणा की जाएगी ताकि फंड का प्रबंध कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जा सके।
-निर्मल नागर, प्रशासक, नप सदर।