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Ambala News: डेढ़ साल से नई एफरेसिस मशीन को लाइसेंस का इंतजार

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अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में पड़ी एफरेसिस मशीन: संवाद
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अंबाला। डेंगू के मरीजों के लिए जीवनदान साबित होने वाली लाखों रुपये की एफरेसिस मशीन का मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कैंट के नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में इस मशीन को आए करीब डेढ़ साल का समय बीत चुका है। अभी तक इस मशीन को चलाने के लिए लाइसेंस ही नहीं मिला है। ड्रग विभाग की ओर से मिलने वाले इस लाइसेंस के इंतजार में यह मशीन महज शोपीश बनी हुई है। जबकि विभाग महज पत्राचार में ही उलझा हुआ है।
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सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर : एफरेसिस मशीन न होने के कारण डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के सीजन में आज भी मरीजों को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां उन्हें भारी-भरकम राशि चुकानी पड़ती है।
इसी डिमांड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने करीब 50 लाख की लागत से इस मशीन की खरीद की थी। हालांकि पिछले सीजन में इस मशीन को चलाने की घोषणा हुई थी लेकिन अभी तक यह मशीन चालू ही नहीं हो पाई है।
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एक यूनिट ब्लड से मिलते हैं 50 हजार प्लेटलेट्स : एफरेसिस मशीन की खासियत यह है कि यह सीधे डोनर के शरीर से 50 हजार प्लेटलेट्स निकाल लेती है। इसके लिए केवल एक ही यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया मरीज के लिए संजीवनी के समान होती है क्योंकि इसमें केवल प्लेटलेट्स ही निकाले जाते हैं।
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