संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। लावारिस कुत्ते शहर में रोजाना लोगों को काट रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 लोग एंटी रैबीज के टीके लगवाने के लिए पहुंचते हैं। दिसंबर 2023 के बाद नगर निगम इन लावारिस कुत्तों को पकड़ नहीं पाया।
अब निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर किया गया है, लेकिन इन कुत्तों की नसबंदी के लिए ऑपरेशन थिएटर नहीं है, जिससे यह अभियान अभी भी बंद पड़ा है। वहीं, निगम की ओर से अब जड़ौत रोड पर एक एकड़ में 1 करोड़ से शेड बनाया जाएगा। इस शेड को बनाने के लिए निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
तीन वर्ष में निगम ने 13 हजार कुत्तों की नसबंदी : नगर निगम की ओर से जून 2020 से लेकर दिसंबर 2023 तक शहर में करीब 13,782 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की गई, इसके बाद यह टेंडर खत्म हो गया था और दोबारा बीते दिसंबर में ही टेंडर हो सका है। निगम करीब तीन हजार से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी नहीं कर पाया था। निगम के अनुसार शहर में करीब पांच हजार लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं। इन दो वर्षों में कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शहर में कॉलोनी के साथ ही सेक्टरों में भी कुत्तों की भरमार है। जड़ौत रोड पर नसबंदी के लिए बनेगा शेड लगा टेंडर : निगम ने कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर तो कर दिया है, पर अभी निगम के पास ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां इन कुत्तों को पकड़ने के बाद रखा जा सके और इनकी नसबंदी की जा सके। अब निगम कुत्तों की नसबंदी के लिए जड़ौत रोड पर 1 एकड़ में करीब 1 करोड़ की लागत से शेड बनाएगा।
इस शेड में ऑपरेशन थिएटर, रसोई, डॉक्टर कैबिन भी बनेगा। यहां करीब पांच एकड़ जगह है, जिसमें एक एकड़ में यह शेड बनाया जाएगा, इसके अलावा यहां खूंखार कुत्तों को रखने की जगह भी बनेगी, इन कुत्तों को नसबंदी के बाद वहीं रखा जाएगा और बाकी कुत्तों को नसबंदी के बाद जहां से उठाया जाएगा उसी जगह पर छोड़ा जाएगा।