अंगला। जिन कागजों से गांवों की सीमाएं, पुश्तैनी जमीन और लोगों के कानूनी अधिकार तय होते हैं, वही दस्तावेज आज अपनी पहचान खोने की कगार पर हैं। अंबाला छावनी के उपमंडल भवन में जमीन से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड फर्श पर पड़ा है। न तो इसे रखने के लिए रैक हैं और न ही अलमारियां, जिसके चलते यह रिकॉर्ड फर्श पर अव्यवस्थित रूप से रखा हुआ है।
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन में भूतल पर तहसील है और तहसील के ऊपर प्रथम तल पर कमरे नंबर 115 से 117 में पटरवार खाना बना हुआ है। इसी पटरवार खाने में गांवों से संबंधित वर्षों पुराना भूमि रिकॉर्ड रखा जाता है, लेकिन जगह की भारी कमी के कारण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। रिकॉर्ड रखने के लिए पर्याप्त स्थान न होने के चलते पटवारियों ने मजबूरी में पुराने कागज फर्श पर ही रख दिए हैं। यह रिकॉर्ड खुले में पड़ा होने के कारण धूल, नमी और दीमक जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकता है, जिससे इसके खराब होने और नष्ट होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
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छह पटवारियों पर दस सर्कलों का जिम्मा
अंबाला छावनी क्षेत्र में कुल छह पटवारी तैनात हैं और इनके जिम्मे दस सर्कलों का कार्यभार है। इन्हीं पटवारियों के पास जमीन से जुड़े अहम दस्तावेजों को संभालने और आम लोगों को भूमि संबंधी सेवाएं देने की जिम्मेदारी है, लेकिन संसाधनों की कमी उनके काम को भी प्रभावित कर रही है।
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गांवों की सीमाएं और पुश्तैनी हक दांव पर
इस पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही गांवों की सीमाएं तय होती हैं और लोगों के पुश्तैनी हक का निर्धारण किया जाता है। यदि यह रिकॉर्ड नष्ट या खराब होता है, तो भविष्य में भूमि विवाद बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द रैक, अलमारियों और रिकॉर्ड रूम की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि जमीन से जुड़ा यह अमूल्य रिकॉर्ड सुरक्षित रह सके।
वर्जन....
पटवार खाने में फर्श पर पडे़ रिकार्ड के बारे में जानकारी नहीं है, चैक करके ही बताया जा सकता है।
प्रियंका, तहसीलदार, अंबाला छावनी।
अंबाला छावनी स्थित पटवारखाने में फर्श पर पड़ा पुराना रिकॉर्ड। संवाद