हादसे के बाद अंबाला छावनी बस अड्डे पर पत्थरोे के सहारे रोकी गई बस। संवाद
अंबाला। फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना ही डिपो से बस को साहा की तरफ भेज दिया गया। लेकिन बस के साहा पहुंचने से पहले ही इसके ब्रेक फेल हो गए क्योंकि इसमें ब्रेक का प्रेशर पाइप टूट गया था जोकि काफी खस्ताहाल था। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस छावनी बस अड्डे पर प्रवेश कर रही थी। बस चालक रामपाल ने सूझबूझ से डिवाइडर के सहारे पत्थरों पर चढ़ा दी और बस रुक गई। बस में बैठी करीब 35 सवारियां भी सहम गईं। गनीमत रही कि कोई भी सवारी चोेटिल नहीं हुई।
सूचना पाकर बस अड्डा अधीक्षक अजित सिंह मौके पर पहुंचे और सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर साहा की तरफ रवाना किया और हादसे की जानकारी रोडवेज महाप्रबंधक सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को दी। तब टीम ने आकर बस की खामी को दूर किया और इसे वापिस डिपो ले गई।
बस के चालक रामपाल ने बताया कि बस रोजाना की तरह अंबाला सिटी डिपो से सुबह सात बजे निकली थी और करीब आधे घंटे बाद अंबाला छावनी बस अड्डे पर पहुंची थी। जैसे ही बस को अड्डे की तरफ मोड़ने के लिए ब्रेक दबाई तो ब्रेक नहीं लग पाई। फिर चालक ने अड्डे के अंदर डिवाइडर से लगाकर बस को पत्थरों पर चढ़ाकर बस को रोका।
वहीं, बस के परिचालक रविंदर ने बताया कि बस सिटी से साहा के बीच चलती है। अगर सड़क पर ब्रेक फेल हो जाती तो हादसा भयानक रूप ले सकता था।
प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि बस को किसी भी मार्ग पर भेजने से पहले अच्छी तरह से जांचा जाता है और डिपो से निकलने से पहले चालक को फिटनेस प्रमाण पत्र देना पड़ता है जोकि इस बस के चालक को नहीं दिया गया था।
वर्जन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया था या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है। अगर कहीं भी कोई लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक अंबाला डिपो।