माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) एक के इस साल जिला अदालत में 139 केस आ चुके हैं। इन सभी मामलों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है। एनडीपीएस की विशेष अदालत बनने के बाद से एनडीपीएस से जुड़े नए मामलों को इसी अदालत में सुना जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल सिर्फ एक ही केस में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। यह मामला वर्ष 2017 में कोर्ट में पहुंचा था, जिसमें अप्रैल में कोर्ट ने फैसला सुनाया था। बाकी सभी 139 मामले अभी सुनवाई के स्तर पर हैं। एनडीपीएस की विशेष अदालत बनने के बाद से अब उम्मीद जगी है कि नशे से जुड़े इन मामलों में तेजी से कार्रवाई हो सकेगी और पॉक्सो एक्ट की फास्ट ट्रेक कोर्ट की तरह इन मामलों में तेजी से सुनवाई होगी।
अप्रैल में पुलिस जांच कमजोर रहने पर दो आरोपियों को किया था बरी
स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ने 9 अप्रैल के आदेश में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दर्ज नशीले कैप्सूल की खेप पकड़े जाने के मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया। यह मामला 24 नवंबर 2016 के तहत पुलिस स्टेशन अंबाला कैंट में दर्ज किया गया था। पुलिस ने कथित तौर पर बस स्टैंड से एक महिला को नशीली दवाओं के साथ पकड़ा था। बाद में महिला से पूछताछ पर पति को भी गिरफ्तार किया। यह मामला जब वर्ष 2017 में कोर्ट में गया। कोर्ट में जब सुनवाई हुई तो पुलिस की जांच कई जगह कमजोर निकली। इसके कारण कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
नशा अत्यधिक बढ़ने से बनानी पड़ी विशेष अदालत
पंजाब से सटे और नशे के बढ़ते मामलों को देखते हुए अंबाला में एनडीपीएस की विशेष अदालत कागठन किया गया था। 28 अप्रैल से एनडीपीएस की विशेष अदालत इन मामलों की सुनवाई कर रही है। एनडीपीएस की विशेष कोर्ट बनने से नशे से जुड़े मामलों में सुनवाई तेजी से होगी। पहले पहले नशा तस्करी से संबंधित मामलों की सुनवाई अलग- अलग थाना क्षेत्र से संबंधित कोर्ट में होती थी। इससे अन्य मामलों के कारण समय भी अधिक लगता था। इसके साथ मामलों की सुनवाई भी देरी से होती थी। अंबाला का एक बड़ा हिस्सा पंजाब सीमा से लगता है। जहां से नशीले पदार्थों की सप्लाई होती है। इस कारण यहां पर नशा करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसमें युवा सबसे अधिक संख्या में हैं। इन क्षेत्रों से संदिग्ध आसानी से नशीले पदार्थ लेकर आते हैं और अंबाला के कई क्षेत्रों में बेचते हैं। इन्हीं कारणों से यह विशेष कोर्ट अंबाला में बनाई है।