जमीन के इंतकाल के बदले एक लाख रुपये रिश्वत लेने और 5 लाख रुपये मांगने के आरोपों में फंसे नायब तहसीलदार बोधराज को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के उनके वकील ने दलील दी कि नायब तहसीलदार बोधराज पर राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने कोर्ट को बताया बोधराज दिल की बीमारी के मरीज हैं और उनका इलाज भी चल रहा है। इतना ही नहीं गिरफ्तारी के दौरान बोधराज की हालत बिगड़ गई थी। आज सुबह भी अस्पताल प्रबंधन से आग्रह कर इन्हें यहां लाया गया है। उनके वकील ने कोर्ट के सामने ये दलील भी दी कि बोधराज के पास से किसी भी प्रकार की कोई भी रिकवरी नहीं हुई है। इसीलिए उन्हें जमानत दी जाए।
उधर, शिकायतकर्ता ओंकार नाथी के वकील सुमित शर्मा ने कोर्ट को बताया कि आरोपी बोधराज की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो चुकी है। इतना ही नहीं आरोपी के खिलाफ पैसे लेकर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री को लेकर भी विभागीय कार्रवाई तक हो चुकी है। जहां तक दिल के मरीज की बात है तो पुलिस पूरी सुरक्षा देगी। उन्हें दवा भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। बीमार होने पर अस्पताल में भी भर्ती करवाया जा सकता। यदि इन्हें रिमांड पर नहीं भेजा गया तो आरोपी केस को प्रभावित कर सकता है। इसीलिए दो दिन का रिमांड मंजूर किया जाए। तमाम दलीलों को सुनकर कोर्ट ने बोधराज को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया।