आज आखिरी श्राद्ध के बाद पितरों की विदाई कर दी जाएगी। लोग विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर व पूजन कर श्राद्ध पक्ष का समापन करेंगे। उसके बाद कल से शुरू होगी माता के नवरात्रों की धूम। इसी को लेकर जहां अंबाला छावनी और अंबाला शहर में नवरात्रों के मद्देनजर बाजार सज गए हैं, वहीं अस्थायी दुकानें भी लग चुकी हैं। कल से बाजारों में खासी रौनक और चहल-पहल शुरू हो जाएगी। उधर, आखिरी श्राद्ध के बाद जिले के तमाम दुर्गा मंदिरों की सजावट भी शुरू कर दी जाएगी।
आलम यह है कि ट्विनसिटी के बाजारों में माता के शृृंगार के लिए चुनरियां, गोटे, नारियल, व्रत में खाने का सामान, कलश, फैंसी, थालियां, पूजा का सामान दुकानों पर बिकना शुरू हो गया है। माता के शृृंगार की दुकानों के साथ-साथ फल की रेहड़ियों पर व्रत में भोग लगाने और पूजा करने के लिए फल खरीदने के लिए भीड़ लगी रही।
कई जगह होगी दुर्गा माता की स्थापना
नवरात्रों में दुर्गा पूजा को लेकर भी पंडाल सजाए जा रहे हैं। सिटी के छोटा बाजार और कैंट के आर्मी एरिया में भी दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इसको लेकर पंडालों को लाइटों और लड़ियों से सजाया जा रहा है। इन पंडालों में दुर्गा नवमी तक रोजाना सुबह व शाम पूजा अर्चना होगी। इसके बाद माता का विसर्जन कर उनको विदा दी जाएगी।
नौ बजे से पहले या साढ़े दस बजे के बाद करे कलश स्थापना
भृगु ज्योतिष अनुसंधान संस्थान हरियाणा के अध्यक्ष पंडित अशोक शास्त्री के अनुसार शनिवार सुबह 05:42 बजे श्राद्ध खत्म हो जाएंगे जिसके बाद नवरात्रों का शुभ महुर्त शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नवरात्र शुरू होने से लेकर नौ बजे तक शुभ मुहुर्त है तथा नौ बजे से लेकर 10:30 बजे के बीच में कलश स्थापना न की जाए क्योंकि इस समय राहुकाल शुरू हो जाएगा।
1200 में मां की चुनरी, 5000 तक मूर्तियां
दुकानदार दीपक ने बताया कि इस बार माता की चुनरी और कपड़ों की नए-नए तरह के डिजाइन आए हैं जिसमें की गोटे वाली चुनरी, जय माता चुनरी, जयपुरी चुनरी, धुगरू वाली चुनरी, सितारों वाली चुनरी, जरी वाली चुनरी व अन्य कई प्रकार चुनरी हैं जिनका रेट 1 रपुये से शुरू होकर 2100 रुपये तक है। साथ ही इस बार माता की मूर्ति भी सफेद मैटल, गोलडन मैटल और ब्रांस मैटल की है जो कि 50 रुपये से लेकर 5000 रुपपये तक की हैं।
उधर, दुकानदान स्वतंत्र ने बताया कि इस सीजन में कलश, चौकियों के साथ-साथ थालियों के भी नए व फैंसी डिजाइन आए हैं। इनका रेट 70 रुपसे से लेकर 200 रुपये तक है। उन्होंने बताया कि पहले की अपेक्षा लोग बनी बनाई व सजावटी सामान अधिक पसंद कर रहे है।
प्रसाद की दुकानें भी सजी
दुकानदार मनिक चोपड़ा ने बताया कि पहले व्रत के सामान में केवल चौलाई की पट्टी, लड्डू और साबुतदाने का सिंपल पापड़ होते थे, परंतु पिछले कुछ सालों में पैकेट बंद मखाना नमकीन, साबुतदाने के नए डिजाइन के पापड़, आलू के चिप्स, मिर्च वाले चिप्स, केले के चिप्स, पंचमेवा प्रसाद व अन्य सामान बिक रहा है जिनका रेट 5 रुपये 50 रुपये तक मिल रहे हैं।