नारायणगढ़। नगर खेड़ा मंदिर, नारायणगढ़ में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथामृत के पांचवें और अंतिम दिन कथा व्यास साध्वी गरिमा भारती ने श्रद्धालुओं को रसपान कराते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं संपूर्ण मानव जाति के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि इन्द्रियतीत प्रभु की लीलाओं को बुद्धि के स्तर पर नहीं समझा जा सकता। दुर्योधन का प्रसंग देते हुए उन्होंने समझाया कि ईश्वर को केवल घट के भीतर प्रत्यक्ष दर्शन और आंतरिक आत्मबोध के माध्यम से ही समझा जा सकता है।
आशुतोष महाराज के वचनों को दोहराते हुए साध्वी जी ने कहा कि आध्यात्मिक जागरण ही मनुष्य के भीतर राष्ट्र सेवा, संस्कृति रक्षण, परोपकार और प्रेम जैसे दिव्य गुणों का बीजारोपण करता है। आध्यात्मिक ज्ञान से सराबोर लोग संगठित होकर समाज की कुरीतियों का समूल विनाश कर सकते हैं। संवाद