अंबाला सिटी। नई सरकार बनते ही जिले में समाधान शिविर का आयोजन नगर निकायों से लेकर एसडीएम कार्यालय तक में शुरू हो गया था। अब साढ़े तीन महीने बाद परिस्थितियां बदल गई हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार को पड़ताल की तो पाया कि नगर निगम शहर और नगर परिषद कैंट में किसी प्रकार का समाधान शिविर नहीं लग रहा। ये कुछ दिनों से बंद हैं।
नगर निगम ने तो शिविर बंद कर खिड़की सिस्टम लागू कर दिया है। जहां पर लाइन लगाकर लोगों की शिकायतें इकट्ठी की जाती हैं। जबकि जिला स्तरीय शिविर में अधिकारी लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। शिविर बंद होने पर नगर निगम का कहना है कि वेबसाइट बंद है तो नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि सिर्फ डीसी ऑफिस में ही शिकायतें सुनी जाएंगी। ऐसे में छावनी और नगर निगम से जुड़ीं शिकायतों के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। जिला स्तरीय अधिकारियों के समाधान शिविर में भी हालात कुछ अधिक अच्छे नहीं हैं। यहां पर आने वाले बहुत से शिकायतकर्ताओं को सिर्फ आश्वासन देकर भी भेजा जा रहा है। शुक्रवार को आधिकारिक रिकॉर्ड के हिसाब से तीन ही शिकायतकर्ता आए मगर हकीकत में छह लोग शिकायत लेकर आए थे। इनमें अधिकतर को आश्वासन दिया।
96 शिकायतों को अब भी निपटान का इंतजार
जिला स्तरीय समाधान शिविर में 25 नवंबर से लेकर 16 जनवरी तक कुल 712 शिकायतें पहुंची थीं। इनमें से 616 शिकायतों का समाधान किया है तो वहीं 96 शिकायतों का निपटारा अभी शेष है। जिला स्तर पर शिविर में शुक्रवार को तीन शिकायतें आईं, जिनमें से तीन शिकायतों का निपटान किया। समाधान शिविर में अधिकतर समस्याएं आय कम कराने और पेंशन संबंधी ही रहती हैं। वहीं कुछ मामलाें में प्लाट के कब्जे व अन्य समस्याओं के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं।
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पहला मामला
नहीं मिल रहा प्लाॅट पर कब्जा
बलाना की पम्मी देवी ने बताया कि वह अपने ससुर के प्लाट पर कब्जा की शिकायत लेकर पहुंची थी। उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाली महिला उनके प्लाॅट में कूड़ा डाल रही है। कई बार कानूनगो को भी प्लाॅट के कब्जे के लिए शिकायत दी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें समाधान शिविर में भी कानूनगो को शिकायत सौंपने के लिए कहा गया।
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दूसरा मामला
पेंशन के लिए दो बार लगाए चक्कर
न्यू मिलाप नगर से आए विजय वालिया ने बताया कि वे अपनी पत्नी की वृद्धा पेंशन के लिए दो बार चक्कर काट चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई। जबकि पेंशन के लिए आवेदन को लेकर उन्हें 80 दिन हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि नगराधीश पूजा कुमारी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 25 जनवरी तक उनकी पत्नी की पेंशन लग जाएगी।
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तीसरा मामला
15 वर्षों से रजिस्ट्री का इंतजार
समाधान शिविर में पहुंचे विष्णु विहार निवासी रमेश चंद ने बताया कि उन्होंने 15 वर्ष पहले एक 137 गज का प्लाट खरीदा था, इसकी रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई है। जबकि प्लाट को बेचने वाला और गवाह दोनों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में आधे क्षेत्र की रजिस्ट्री हो रही है लेकिन उनके क्षेत्र की बंद है। इससे उन्हें डर है कहीं कोई उनके मकान पर दावा न कर दें। सीटीएम पूजा कुमारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि रजिस्ट्री खुलने के बाद ही उनकी समस्या का समाधान हो पाएगा।
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चाैथा मामला
घरेलू महिला की आय चढ़ाई 10 लाख
पतरहेड़ी की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि वह अपने परिवार पहचान पत्र में आय कम कराने की शिकायत लेकर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में उनकी आय 10 लाख रुपए दर्ज कर रखी है। जबकि वह घरेलू महिला और उनके पति भी राजमिस्त्री का काम करते हैं। समय कम रहने के कारण उन्हें समाधान शिविर में दोबारा बुलाया है।
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पोर्टल बंद होने से नहीं लग रहा शिविर
पोर्टल बंद होने से शहर के नगर निगम में समाधान शिविर नहीं लग रहा। पहले अधिकारी बैठकर लोगों की शिकायत सुन रहे थे और मौके पर ही शिकायतों का समाधान पोर्टल को खोलकर किया जा रहा था, लेकिन अब यह शिविर निगम के बैठक हाॅल में नहीं लग रहा। यह शिविर कई दिनों से बंद है। निगम की ओर से एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी लोगों की शिकायत लेकर उनके समाधान के लिए ऑनलाइन भेज रहे हैं। सरकार के निर्देशानुसार 22 अक्टूबर से शिविर लगाया जा रहा था। निगम अनुसार शिविर में 22 अक्टूबर से 10 जनवरी तक करीब 1207 शिकायत पहुंची। इनमें से 738 शिकायतों का समाधान किया गया, जबकि 106 शिकायत रि-ओपन की गई और 57 शिकायतों को रद्द किया गया। इसके अलावा अभी 62 शिकायत लंबित चल रही है। इनके समाधान को लेकर प्रक्रिया चल रही है। इनमें ज्यादातर शिकायत संपत्ति आईडी में गलतियों की थी। आईडी में सर्वे के दौरान नाम, पता, वर्गगज, मोबाइल नंबर को गलत लिखा गया था। शिविर में पार्ट आईडी, सफाई को लेकर भी शिकायत पहुंची थी।
लाइन में लगकर दे रहे शिकायतें
शुक्रवार को भी सुबह 11 बजे तक खिड़की पर छह लोग अपनी शिकायत दे चुके थे। इनमें संपत्ति कर आईडी से संबंधित शिकायत भी थी। निगम अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय से ही पोर्टल बंद चल रहा है। शिविर में पोर्टल को खोलकर ऑफलाइन ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा था, लेकिन अभी यह ऑफलाइन पोर्टल बंद है। अब एनडीसी हरियाणा पोर्टल पर शिकायतों को ऑनलाइन भेजा जा रहा है। इसके बाद इनके समाधान हो रहा है।
नगर परिषद में भी समाधान शिविर बंद
अंबाला छावनी के नगर परिषद में समाधान शिविर बंद हो चुका है। नवंबर से दिसंबर तक चले समाधान शिविर के दौरान 55 के करीब शिकायतें नगर परिषद अधिकारियों के समक्ष आई थीं। अधिकारियों का दावा है कि सभी का समाधान कर दिया गया है।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं अभी तक कुछ दिनों से अवकाश पर था। आदेशों के अनुसार उपायुक्त, एसडीएम और नगर निकायों में शिविर लगाने हैं।
-ब्रह्मजीत सिंह, एडीसी, अंबाला