अंबाला सिटी। रविवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने ठंड के साथ आम आदमी की परेशानी को बढ़ा दिया है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हुई। रविवार को सुबह से देररात तक बारिश हुई। जिले में 52.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दिनभर बारिश और तेज हवा चलने से गेहूं और सरसों की फसल बिछ गई।
इस तरह फसल गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। कई जगह तो पूरी फसल ही खेत में बिछ गई। किसान कुछ दिन पहले फसल में पानी लगाकर हटे थे और अब बारिश से खेतों में जलभराव हो गया। इससे गेहूं की फसल नीचे गिर गई। वहीं, शहर के सेक्टर और कॉलोनियों में जलभराव हो गया।
रविवार को घरो से बाहर निकलने में भी दिक्कत महसूस हुई। सेक्टर-9 और कपड़ा मार्केट अंडरब्रिज में भी जलभराव हो गया। नगर निगम कर्मचारी सेक्टर-9 अंडरब्रिज से पानी निकालते हुए नजर आए। रविवार दोपहर में भी बादल छा गए और कुछ जगहों पर बारिश हुई। इससे दिन में ठंड और बढ़ गई।
एक चौथाई गेहूं के नुकसान की आशंका
कृषि विभाग उप निदेशक डॉ.जसविंद्र सिंह ने बताया कि सरसों की फसल लगभग तैयार हो चुकी है, अगर ओलावृष्टि होती तो ज्यादा नुकसान होता। गेहूं की फसल को शून्य से 25 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका है और हवा चलने से फसल बिछ गई है। करीब 10 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल का शून्य से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, हालांकि अभी गेहूं की फसल पकने में थोड़ा समय है। अगर आने वाले दिनों तक ठंड रहती है तो इसका फायदा भी गेहूं की फसल को मिल सकता है। वहीं, फलों की फसलों में 30 प्रतिशत तक नुकसान की संभावना है। इनमें आम, नाशपाती, आलू बुखारा और आड़ू को नुकसान हो सकता है, क्योंकि हवा और बारिश के कारण फूल झड़ गए हैं।
कस्बों में भी किसानों को नुकसान
मुलाना में बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। किसान रविंद्र, रणधीर सिंह और नेत्रपाल ने बताया कि गेहूं की फसल पकने को है। सिंचाई भी कर दी थी, लेकिन शनिवार को तेज हवा के साथ बारिश ने फसल को बिछा दिया। गेहूं के साथ सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि जो फसल खेतों में बिछ गई है। उसकी पैदावार पर असर पड़ेगा। कृषि विभाग बराड़ा बीटीएम ललित शर्मा ने बताया कि बारिश से गेहूं और सरसों की फसलें बिछ गई है। इससे फसल को नुकसान की आशंका है।
फोटो-47
विशेष गिरदावरी की मांग
कोट्स
पिछले दो तीन वर्ष किसानों पर मौसम की मार पड़ रही है। अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। इससे किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों के खाते से बीमा राशि खुद ही काट ली जाती है। फसल की स्पेशल गिरदावरी कराई जाए।
किसान घनश्याम शर्मा, तर गांव।
फोटो-45
बारिश होने से गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है। हर छह माह बाद फसल का बीमा होता है, लेकिन बीमा का पैसा भी खाते में नहीं आता। जब रविवार सुबह खेत में आए तो फसल देखी। फसल पूरी तरह से बिछ चुकी है।
किसान भूपिंद्र सिंह, तर गांव।
फोटो-48
बारिश से जहां गेहूं की फसल बिछ गई है। वहीं अब अगर एकदम से तेज धूप निकलती है तो गेहूं की फसल प्रभावित होगी। पिछले वर्ष भी ऐसे ही फसल प्रभावित हुई थी।
किसान बबलू मुलतान, तर गांव।
फोटो46
पिछले वर्ष बाढ़ से धान की फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन भी किया था, अभी तक किसानों को सरकार ने मुआवजा नहीं दिया है। उनके क्षेत्र में किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। अब गेहूं की फसल पकने को है। मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
किसान अवतार सिंह, तर गांव।