सड़क किनारे शक्तिवर्धक जड़ीबूटियां बेचने वाले एक परिवार पर कुछ हमलावरों ने हमला कर दिया। उस समय पूरा परिवार सोया हुआ था। परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर बेरहमी से वार किए गए। हमले में लहूलुहान परिवार के मुखिया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
लूटपाट के इरादे से हुई इस वारदात में चार महिलाओं समेत आठ लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। सभी को कैंट के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। गंभीर चार लोगों को चंडीगढ़ रेफर किया गया। सहयोगी चंडीगढ़ की बजाय घायलों को करनाल ले गए। एक प्राइवेट अस्पताल में सभी का उपचार चल रहा है।
उधर, साहा पुलिस ने लूटपाट के इरादे से घर में घुसकर हत्या करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साहा पुलिस के साथ सीआईए स्टाफ को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। एसपी अभिषेक जोरवाल ने वारदात के पीछे किसी बाहरी गिरोह का हाथ होने का शक जताया है।
रात दो बजे हुई वारदात, संभलने का नहीं मिला मौका
साहा के राधास्वमी सत्संग भवन के पास देसी जड़ी बूटियां बेचने वाले एक परिवार ने काफी समय से सड़क किनारे डेरा जमाया हुआ है। सड़क किनारे ही परिवार टेंट लगाकर रहता है। भतीजे रामू ने बताया कि पहले पूरा परिवार कैंट में रहता था। बाद में वे साहा चले गए। उसने बताया कि रात ढाई बजे उसे फोन पर वारदात की सूचना मिली थी। पहले उसने समझा की कोई उसके साथ मजाक कर रहा है, लेकिन बाद में सूचना सच निकली। रामू ने बताया कि लूटपाट के इरादे से ही ये वारदात अंजाम दी गई। हालांकि वह यह नहीं बता पाया कि हमलावर अपने साथ लूटकर क्या सामान ले गए? होश में आने के बाद ही परिवार के लोग इसके बारे में बता पाएंगे।
वारदात में इन लोगों को आई गंभीर चोटें
हमले में परिवार का मुखिया केसर सिंह उर्फ केशु बुरी तरह जख्मी हुए। 60 साल के केसर ने गहरी चोट के कारण थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया। हमलावरों ने केसर की पत्नी गुड्डी (52), बेटे विजय(36), गोबिंदा (31) ज्ञान, पप्पू, बेटी हीना (35) मीना (30) और पुत्रवधू रेखा (26) को भी अपना शिकार बनाया। परिवार के सभी आठ लोगों के सिर पर किसी भारी हथियार से वार किए गए थे। इसी वजह से सभी लोगों के सिर पर गहरे जख्म हो गए। कुछ एक परिजनों के चेहरे पर भी वार किए गए। हमलावरों ने किसी को भी संभलने का मौका नहीं दिया। सिर पर गहरी चोट लगने के कारण कोई शोर भी नहीं मचा पाया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए।
वारदात से पहले काटी बिजली की लाइन
हमले में जान गंवाने वाले केसर सिंह के बेटे पप्पू ने बताया कि जब हमला हुआ पूरा परिवार सो रहा था। हमले के दौरान ही उन्हें आभास हुआ कि 10-12 लोग उनके टेंट में घुसे हैं। हमले से पहले उनके टेंट की बिजली लाइन को काटा गया। फिर परिवार के हर सदस्य पर बेरहमी से हमला किया। पप्पू ने बताया कि हत्या की नीयत से उन पर हमला किया गया था। हमले के बाद आरोपी परिवार के गहने व नकदी भी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि लूटे हुए माल का अभी सही आंकलन नहीं हो पाया है। महिलाओं के होश में आने के बाद ही इसकी जानकारी मिल पाएगी।
जांच के लिए पहुंचे एसपी
वारदात के बाद सोमवार सुबह एसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर पहुंचे थे। तब उनके साथ डीएसपी बराड़ा राज सिंह, एसएचओ साहा चंद्रभान, सीआईए स्टाफ-1 और 2 के साथ सीआईए स्टाफ - नारायणगढ़ के प्रभारी भी आए थे। हमलावरों के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड और सीन ऑफ क्राइम की टीम ने भी मौके का मुआयना किया। जांच टीम ने जांच के लिए हमले वाली जगह से कुछ सबूत भी जुटाए हैं। उनकी अभी जांच चल रही है।
यह वारदात किसी बाहरी गिरोह ने अंजाम दी है। जिस तरह से वारदात हुई उससे हमारा शक बावरिया गिरोह पर है, क्योंकि इस गिरोह के सदस्य लूटपाट के लिए बेरहमी से वार करते हैं। इस वारदात में जख्मी लोगों पर निर्दयता से वार हुए हैं। साहा पुलिस व सीआईए स्टाफ मामले की जांच कर रहा है। जल्द ही इस वारदात को सुलझा लिया जाएगा।
-अभिषेक जोरवाल, एसपी, अंबाला।