अंबाला। सुभाष कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर परिषद (नप) की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में टीम यहां मकान नंबर 130 से 180 के बीच हुए अतिक्रमण को ढहाने पहुंची थी लेकिन स्थानीय निवासियों के लिखित आश्वासन के बाद टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
हाईकोर्ट में 20 अप्रैल को होनी है सुनवाई
नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्देश पर ही टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। दरअसल, इस क्षेत्र में सड़क पर करीब चार से पांच फुट का अवैध कब्जा किया गया है, इससे आवाजाही में दिक्कत हो रही है। अब 20 अप्रैल को विभाग को इस मामले में हाईकोर्ट में अपनी जवाबदेही और कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी है।
निवासियों ने लिखित में मांगी मोहलत
जैसे ही नगर परिषद का दस्ता कॉलोनी में पहुंचा, वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। स्थानीय निवासियों ने टीम का रास्ता रोक लिया और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। निवासियों का तर्क था कि उन्हें संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। घंटों चली गहमागहमी के बाद, मोहल्ला वासियों ने नगर परिषद को लिखित आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस स्थिति का समाधान निकाल लेंगे। इस पत्र के आधार पर अधिकारियों ने फिलहाल नरमी बरतते हुए मोहलत दे दी।
चार से पांच फुट तक है अतिक्रमण
सुभाष कॉलोनी में लगभग दो वर्ष पहले भी अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद ने तोड़फोड़ की थी। इसके बाद धीरे-धीरे स्थानीय लोगों ने दोबारा निर्माण करके कब्जा कर लिया। यह कब्जा चार से पांच फुुट पर दीवार बनाकर और लोहे का गेट लगाकर किया गया है। इस संबंध में एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थी ताकि अवैध निर्माण पर कार्रवाई हो सके।
अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए टीम बुधवार को सुभाष कॉलोनी में गई थी लेकिन लोगों ने आग्रह किया कि वह खुद ही अतिक्रमण हटा लेंगे। इसलिए उन्हें कुछ मोहलत दी गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर लोगों ने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया, तो मजबूरन सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला।