अंबाला। प्री-मानसून दस्तक देने को तैयार है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जून को प्री मानसून की दस्तक हो सकती है, लेकिन शहर के मुख्य नालों की बात करें तो अभी तक वह गंदगी से अटे हैं।
एक तरफ सिटी में जहां नालों की सफाई को लेकर विपक्ष के साथ-साथ पक्ष भी विरोध में उतर आया है। यहां तक कि भाजपा के मनोनीत पार्षद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। वहीं अंबाला कैंट में भी नालों की स्थिति बद से बदत्तर है।
अभी तक नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई का टेंडर नहीं किया गया हैं। अमर उजाला की टीम ने रविवार को अंबाला कैंट के मुख्य नालों का निरीक्षण किया तो कोई जलखुंभी से अटा था तो किसी में कूड़े के ढेर लगे थे। मुख्य बाजारों व गली-मोहल्लों के मुख्य नालों की भी यही स्थिति बनी हुई थी।
स्थानीय लोगों व दुकानदारों से इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मानसून के सीजन में भी अधिकारियों को नालों की सफाई ध्यान में आती है लेकिन अक्सर कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। समय रहते नालों की सफाई हो तो स्थिति ही न बिगड़े।
छह माह से बिगड़े पड़े हालात
कर्मजीत ने बताया कि वह बाजीगर कॉलोनी का निवासी है और छह महीने हो गए है, लेकिन काॅलोनी में अभी तक सफाई नही हुई और गंदगी से उनका नाला अटा पड़ा है। मानसून से पहले ही नालों की साफ-सफाई हो जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है। आखिर समय में ही अधिकारी नालों की सुध लेते हैं।
वर्जन
नालों की सफाई को लेकर निविदा जारी की गई थी। इसमें चार ठेकेदारों ने रुचि दिखाई है। सोमवार को इसका आंकलन किया जाएगा और नियमों को पूरा करने वाले एक ठेकेदार को निविदा जारी कर दी जाएगी, जिससे कि बारिशों से पहले अंबाला छावनी के नालों की सफाई हो सके ताकि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा न हो।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।