संवाद न्यूज एजेंसी,
अंबाला सिटी। हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर स्थित नगर निगमों के भविष्य पर हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 ने संकट के बादल मंडरा दिए हैं। कानून के जानकारों का दावा है कि नए कानून की धारा 3(1) के अनुसार, प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर जनसंख्या की परवाह किए बिना केवल नगर परिषद होने का प्रावधान किया गया है। इस कानूनी पेंच पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार द्वारा भेजे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।
शीतकालीन सत्र में पारित नए कानून के अनुसार, 3 लाख से अधिक जनसंख्या पर नगर निगम का गठन होता है। लेकिन इसी कानून में एक विशेष शर्त जोड़ी गई है कि किसी भी जिले के मुख्यालय पर नगर निकाय एक नगर परिषद ही होगी। एडवोकेट हेमंत ने बताया कि यह प्रावधान अंबाला सहित प्रदेश के 10 बड़े नगर निगमों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार आदि) के दर्जे को प्रभावित करता है, क्योंकि ये सभी जिला मुख्यालय हैं।
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