अंबाला सिटी की दशमेश मार्केट। संवाद
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अंबाला सिटी। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अंबाला शहर में विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के मामले में अवमानना की याचिका पर सुनवाई करते हुए नाराजगी जताई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम द्वारा दायर की गई स्टेटस रिपोर्ट को पूरी तरह से अस्पष्ट और बिना किसी विशिष्ट खंडन वाला बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
कोर्ट ने कहा कि निगम की ओर से दायर की गई रिपोर्ट अतिक्रमण के आरोपों के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं देती है, जो याचिका में लगाए गए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने नगर निगम को फटकार लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण के मुद्दे पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है।
इस मामले में अंबाला शहर निवासी संजय खेड़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिसमें शहरी स्थानीय निकाय के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सहित अन्य अधिकारियों को पार्टी बनाया गया था, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तुषार गेरा और जेएस राणा पेश हुए थे। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 सितंबर तय की है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत और स्पष्ट स्टेटस रिपोर्ट दायर की जाए, जिसमें याचिका में लगे अतिक्रमण के आरोपों का उचित खंडन या स्पष्टीकरण हो।
याचिकाकर्ता ने वर्ष 2020 में हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए दशमेश मार्केट, ओल्ड दिल्ली रोड, कालका मोड़, जीटी रोड पर गोदाम, पुलिस लाइन चौक, इंको चौक पर अतिक्रमण की जानकारी दी थी। सुबूत के तौर पर फोटो भी लगाए थे जिस पर नगर निगम अधिकारियों ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया था कि उन्होंने अतिक्रमण हटा दिया है, जबकि हकीकत में अतिक्रमण आज भी बरकरार है। इसी को लेकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अवमानना दायर कर दी थी, जिस पर कोर्ट ने नगर निगम प्रशासन को फटकार लगाई है।