शहजादपुर (अंबाला)। शहजादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार सीएम फ्लाइंग ने टीम ने भ्रष्टाचार के एक अनोखे मामले को उजागर किया है। मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडल्ब्यू) 74 हजार के मूल वेतन की जगह हर महीने 7.80 लाख रुपये वेतन डलवा रहा था।
अधिकारियों संग मिलकर कर्मचारी ने 94 लाख से अधिक रुपये का गबन कर दिया। यह मामला 2022 से 2024 से जुड़ा हुआ है। सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश देकर मामले को उजागर किया।
शहजादपुर पुलिस को तहरीर देकर सपेहड़ा निवासी एमपीएचडब्ल्यू जरनैल सिंह और उस समय के एसएमओ तरुण प्रसाद पर प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
यह कार्रवाई अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी आदि धाराओं के तहत की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतना वेतन डीजी हेल्थ हरियाणा का भी नहीं है। तरुण प्रसाद अभी भी बराड़ा सीएचसी में एसएमओ के पद पर कार्यरत है।
2 साल तक चलती रही धांधली, ट्रेजरी की भूमिका पर भी सवाल : जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2022 से 2024 तक यह खेल चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी मलेरिया विभाग के खाते से छेड़छाड़ के जरिये सब ट्रेजरी नारायणगढ़ के माध्यम से पैसे निकालता था। उस समय के एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद के पास डीडीओ की शक्तियां थी। जिनके हस्ताक्षर के बिना यह बिल पास होना असंभव था। हैरानी की बात यह है कि ट्रेजरी ने भी 7.80 लाख प्रति माह का वेतन जारी कर दिया। इस मामले में अब ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।