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Haryana: अंबाला पहुंचीं सांसद कुमारी सैलजा, बोलीं- मेरिट के आधार पर दिए जाए टिकट

Thu, 04 Jul 2024 09:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा अंबाला पहुंचीं। वहां उन्होंने विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को साझा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि मेरिट के आधार पर आगामी विधानसभा में टिकट दिए जाने चाहिए।
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पत्रकार वार्ता करतीं कुमारी सैलजा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा गुरुवार को अंबाला के एक निजी रेस्टोरेंट में पहुंचीं। यहां पर उन्होंने पत्रकार वार्ता में विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को साझा किया। इसके साथ ही वह पार्टी में टिकटों का बंटवारा किए जाने के संबंध में नसीहत देती दिखीं।

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उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में तेरा मेरा की बात नहीं होनी चाहिए। मेरिट के आधार पर ही टिकट मिलनी चाहिए। इसके बाद पार्टी के दूसरे नेताओं का उस उम्मीदवार का साथ देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से कमर कस लेनी चाहिए। अंबाला में गुटबाजी और एक ही परिवार को दो टिकट देने के प्रश्न पर कुमारी सैलजा ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन सही से हो पार्टी में इस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हम चाहेंगे कि जीतने वाले और निष्ठावान को टिकट मिले।
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वहीं एससी वर्ग का रुझान लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ रहने के संबंध में कुमारी सैलजा ने कहा कि उनकी पार्टी को सभी 36 बिरादरियों का साथ मिला है। चुनाव में जीतने के बाद ही सीएम पद के लिए निर्णय लिया जाता है। उन्होंने सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तो काफी देर हो चुकी है।

पहले तो सरपंचों पर लाठी भांजी अब उन्हें सुविधाएं दो तो ऐसा नहीं चलता है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता परविंद्र सिंह परी, पूर्व कोषाध्यक्ष रोहित जैन, सुखविंदर जैलदार व अन्य नेता उपस्थित रहे।

संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही
कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी संसद में जब नेता प्रतिपक्ष के रूप में बोलने लगे तो खुद प्रधानमंत्री ने उन्हें दो बार रोका। उन्हें बार-बार बोलने से रोका जा रहा था। जिस तरह से राहुल गांधी के साथ बर्ताव हुआ यह ठीक नहीं था। संसद में नेता प्रतिपक्ष की उतनी ही गरिमा रखी जाती है जितनी नेता सदन की होती है। राज्यसभा में भी यही हुआ। दोनों सदनों में यह रवैया साफ दिखाता है कि सत्ता पक्ष विपक्ष की इज्जत नहीं करता है। यह विपक्ष की आवाज दबाना चाहते हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

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