शहर रामबाग ग्राउंड में सात दिवसीय श्रीमद देवी भागवत महापुराण कथा में बैठे श्रद्धालु। संस्थान
अंबाला सिटी। रामबाग ग्राउंड में सात दिवसीय श्रीमद्देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी अदिति भारती ने किया। इसका आयोजन दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित यह कथा 21 तक चलेगी।
साध्वी अदिति भारती ने कहा कि आज के परिवेश में जहां हर ओर समाज में तनाव और मतभेद पनप रहा है, मर्यादाएं भंग हो गई हैं और संवेदनाओं का ह्रास हो रहा है, ऐसे में जगत जननी ही अपनी सृष्टि को प्रेम से सींचकर मर्यादाओं में बांध सकती है, क्योंकि मां ही अपने शिशु को शुभ संस्कारों से पोषित करती है।
मां के अवतरण लीलाओं में प्रथम आने वाली मधु कैटभ वध की लीला का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए साध्वी ने बताया कि मधु और कैटभ वास्तव में मानव की दो मूल प्रवृत्तियां राग और द्वेष है। यह राग द्वेष ही मानव जीवन की अशांति का मूल कारण है। इंद्रियों के विषयों में राग द्वेष के चलते ही मानव शारीरिक और मानसिक रोगों से ग्रस्त रहता है और जीवन रूपी अनमोल पूंजी को गंवाता जा रहा है।
वैराग्य से ही मधु-कैटभ का वध संभव है। वैराग्य का अर्थ संसार को छोड़ देना नहीं है, अपितु यह मन की निरासक्त अवस्था है, जो आत्म स्वरूप से जुड़ कर ही उत्पन्न होती है। साध्वी ने कहा कि कण-कण वासिनी मां भगवती का अंतर्घट में जागरण ही मानव को सभ्य और समाज को संतुलित और शांत कर सकता है और इस कथा आयोजन का उद्देश्य मानव घट में इसी शक्ति का जागरण है।
शहर रामबाग ग्राउंड में सात दिवसीय श्रीमद देवी भागवत महापुराण कथा में बैठे श्रद्धालु। संस्थान