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दो साल के मासूम पर उमड़ा दो महिलाओं का प्यार, बच्चे पर जताया अपना हक

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mother - फोटो : AMBALA
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अंबाला सिटी। दो साल के पार्थ पर अब दो मां की ममता उमड़ रही है। इनमें एक मां वो है जिसे उसे अपनी कोख से जन्म दिया, जबकि दूसरी मां वो है जिसने चार महीने पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया से पार्थ को गोद लिया था। मासूम बेटे को लेकर अब दोनों ही मां बेकरार हैं। बेटे पर हक के लिए अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया है। चूंकि मामला बेटे का है इसलिए पुलिस भी बेहद संजीदगी से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों मां को जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। एक बार दोनों आमने-सामने हो चुकी हैं।
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रिश्तेदार से गोद लिया था बच्चा
अमृतसर के हाल गेट स्थित दुर्गियाना मंदिर के पास रहने वाली रीना के पास तीन बेटियां हैं। पति अजय कुमार फुटवियर का कारोबार करते हैं। रीना की एक बेटा गोद लेने की इच्छा थी तो परिवार ने दूर की रिश्तेदार ज्योति से बात की। ज्योति चंडीगढ़ के मनीमाजरा इलाके में रहती है। फिलहाल वह अपने मायके छावनी की रंगिया मंडी में आई हुई है। अजय ने बताया कि पारिवारिक सहमति के बाद ज्योति उन्हें अपना छोटा बेटा (प्रियांशु) देने के लिए तैयार हो गई। मार्च-2019 में चंडीगढ़ में एडोप्शन डीड तैयार हुई। फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रियांशु दूसरी मां रीना की गोद में चला गया। उस समय प्रियांशु की उम्र महज डेढ़ साल थी। नई मां रीना ने प्रियांशु को नया नाम पार्थ दिया। अब पार्थ ही उसकी नई पहचान है।
मैं होश में नहीं थी, बहकाकर लिया बच्चा
ज्योति ने कुछ रोज पहले सीएम विंडो पर एक शिकायत दी थी, जिसमें उसने रीना व उसके परिवार पर बहकाकर बच्चा लेने का आरोप लगाया था। ज्योति ने शिकायत में कहा कि तब वह होश में नहीं थी। ऐसे ही बच्चे को लेकर कई दूसरे आरोप भी रीना पर लगाए गए। जांच के लिए यह शिकायत अब महिला थाना पुलिस को भेजी गई है। जांच अधिकारी एक बार मामले को लेकर दोनों पक्षों को तलब कर चुका है। चूंकि मामला पेचीदा है इसलिए उसने दोनों मां को बेटे के भविष्य के लिए सोचने का एक मौका दिया है।
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रीना ने पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत ही बच्चे को अडाप्ट किया है। इसलिए बेटे पर उसका दावा फिलहाल मजबूत है। रही बात ज्योति की तो उसके आरोपों की तुरंत अनदेखी नहीं की जा सकती। उसने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच चल रही है। इसके बाद ही अगली कार्रवाई तय होगी। अभी मैंने दोनों मां को सोचने का एक मौका दिया है।
- रामफल, जांच अधिकारी, महिला थाना पुलिस
कानूनी रूप से बच्चे पर अब हमारा हक है। पिछले चार महीने से मेरी पत्नी मां की ही तरह पार्थ की परवरिश कर रही है। ज्योति पहले भी चंडीगढ़ में उनके खिलाफ ऐसी शिकायत दे चुकी है। वहां से खारिज होने के बाद अब अंबाला में शिकायत कर दी। बेटे के हक के लिए लिए हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। क्योंकि पुलिस इस मामले में कोई भी निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है।
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- अजय कुमार, पार्थ के पिता
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