अंबाला कैंट। लोकसभा के चुनावों को लेकर दिनभर हुए मतदान में समाज का युवा व महिला वर्ग खुलकर सामनेे आया। वहीं चुनावी लिस्ट में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से हुई गलतियों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। उन्हें दिनभर एक बूथ से दूसरे बूथ के चक्कर काटने पड़े। कई लोगों के लिस्ट में नाम न होने के कारण उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। उधर, चुनाव प्रक्रिया में कई बूथों में तकनीकी परेशानी से भी लोग परेशान हुए।
वोटरों में दिखा जबरदस्त उत्साह
चुनाव मतदान केंद्रों में महिलाएं, बुजुर्ग सहित नए वोटरों में खासा उत्साह दिखाई दिया। आयुष, सौरव, राजेश, दीपक, अनीता, रमेश, उमेश, राहुल ने बताया कि उन्होंने पहली बार वोट का इस्तेमाल किया। सुबह समय से पहले ही वह मतदान केंद्रों में पहुंचे।
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मशीनों में तकनीकी खराबी
मतदान केंद्रो पर मतदाता घरों से बूथ पर तो पहुंचे, लेकिन कुछ बूथों की एवीएम में आई तकनीकी खराबी से वोटरों को परेशानी हुई। कैंट के कुछ स्थानों पर सुबह अचानक कुछ समय के लिए एवीएम के बटन में खराबी आ गई। लेकिन चुनाव अधिकारियों ने समय के रहते एवीएम को सुचारू किया।
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भटकते रहे वोटर
प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते सुबह से ही बूथों पर वोटर अपनी स्लिप तलाशते नजर आए। लेकिन बूथों पर सही व्यवस्था न होने के कारण लोग बूथ की तलाश में भटकते नजर आए। चुनाव अधिकारियों ने अपने बूथ पर ही बैठकर लोगों को उनकी वोटर लिस्ट देकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
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फर्जी वोटर दबोचा
मतदान केंद्रों में मतदाताओं पर चुनाव अधिकारियों की कड़ी नजर के चलते कई बूथों से फर्जी वोटरों को दबोचा गया। कैंट के बांके बिहारी धर्मशाला में चल रहे बूथ से एक फर्जी वोटर को गलत पहचान बताकर दूसरे की जगह वोट डालते हुए दबोचा गया। आरोपी को चुनाव अधिकारियों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
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मतदान में भी ‘लंच टाइम’
सिटी के बलदेव नगर स्कूल बूथ नंबर 58 पर उस समय हंगामा हो गया, जब बूथ अधिकारियों ने यह कहकर दरवाजा बंद कर दिया कि लंच टाइम है। इसी बात को लेकर बूथ के बाहर वोटरों की लाइन लग गई। लेकिन थोडे़ समय के बाद वोटर आपा खो बैठे और बहस शुरू हो गई। उधर, पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए का बूथ का बंद दरवाजा खुलवा दिया। उल्लेखनीय है कि मतदान के दौरान किसी प्रकार के लंच टाइम का प्रावधान नहीं है।
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प्रचार करते रहे प्रचारक
चुनाव से पहले वोटरों को अपनी ओर आर्कर्षित करने के लिए पार्टी के प्रचारक इस कदर बेताब दिखे कि सड़कों का रास्ता रोककर मोड़ पर ही अपनी स्टाल लगाकर बैठ गए और वोटरों को पार्टी का प्रचार करते हुए दिखाई दिए।