संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नगर निगम में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते से ठगों ने बिना किसी ओटीपी या जानकारी के 94,880.98 निकाल लिए। पीड़ित जब टाइफाइड होने पर अस्पताल में उपचाराधीन था, तब उसके साथ यह ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई।
अशोक विहार नसीरपुर गांव निवासी सुरजन ने शिकायत में बताया कि वह नगर निगम में सफाई कर्मचारी है और उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। बीते दिनों तबीयत खराब होने के कारण वह 28 सितंबर से 5 अक्तूबर तक जलबेड़ा रोड स्थित नारायण अस्पताल में दाखिल था। 2 अक्तूबर की शाम को जब वह अस्पताल का बिल चुकाने के लिए गूगल पे के जरिए अपने इंडियन बैंक खाते का बैलेंस चेक कर रहा था, तो उसने देखा कि 1 अक्तूबर को उसके खाते से 94,880 रुपये की एक अज्ञात ट्रांजेक्शन हुई है। यह देखकर वह चौंक गया। आसपास के लोगों की सलाह पर उसने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन अधिक जानकारी न होने के कारण उसकी कॉल पर शिकायत दर्ज नहीं हो पाई।
अगले दिन बैंक से स्टेटमेंट लेकर पहुंचा पुलिस के पास
अगले दिन सुबह पीड़ित ने बैंक जाकर अपने खाते की स्टेटमेंट निकलवाई और थाना साइबर क्राइम में 3 अक्तूबर को अपनी लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित का कहना है कि उसने न तो किसी को अपने खाते की कोई जानकारी दी और न ही कोई ओटीपी शेयर किया, फिर भी उसके बैंक खाते से पैसे साफ कर दिए गए। जांच अधिकारी उप-निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी की की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।