अंबाला सिटी। जिले के कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आईटीआई में दाखिले के लिए प्रकिया चल रही है। सभी संस्थानों में दाखिले को लेकर मारामारी है। इस बार विद्यार्थी ज्यादा उत्तीर्ण हुए हैं और सीट कम हैं।
संस्थानों में विद्यार्थी परंपरागत कोर्स की बजाए प्रोफेशनल कोर्स की तरफ ज्यादा रुख कर रहे हैं। बीते मई माह में 12वीं हरियाणा बोर्ड, आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड का परिणाम जारी हुआ था। इन तीनों बोर्ड से करीब 12 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इनमें हरियाणा बोर्ड के 5089 विद्यार्थी शामिल थे। विद्यार्थी परंपरागत कोर्स बीए और बीकॉम के साथ प्रोफेशनल कोर्स भी लेकर चल रहे हैं। इन प्रोफेशनल कोर्स में ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बीएससी नर्सिंग, बीटीएम, बीए मॉस कम्युनिकेशन, बीसीए, बीबीए के साथ पॉलीटेक्नीक व आईटीआई में इंजीनियरिंग कोर्स भी शामिल हैं।
कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आईटीआई में 11 हजार से ज्यादा सीट
-अंबाला शहर में आठ राजकीय व तीन निजी आईटीआई में 3846 सीट हैं। इनमें आठ राजकीय आईटीआई में 3356 और 3 निजी आईटीआई में 490 सीट हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए 21 जून तक प्रक्रिया चल रही है।
-जिले में दो राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हैं। इनमें अंबाला शहर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में 8 कोर्स पर 600 सीट हैं। इसी तरह कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान में 8 कोर्स में 480 सीट हैं।
-जिले के राजकीय, एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों 14 कॉलेजों में 7 हजार से ज्यादा सीट हैं। इनमें जेबीटी, बीएड के कॉलेज अलग हैं। इन कॉलेजों में भी दाखिले को लेकर होड़ है।
वर्जन
आवेदक 25 जून तक कॉलेज में आवेदन करेंगे। विद्यार्थियों की साइंस व कॉमर्स कोर्स के साथ प्रोफेशनल कोर्स में भी रुझान देखने को मिल रहा है। कॉलेज में बीपीएड और बीएससी स्पोर्ट्स में भी काफी विद्यार्थी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
डॉ. आभा बंसल, प्राचार्या, एसए जैन पीजी कॉलेज, अंबाला शहर।
वर्जन
बीए और बीकॉम जैसे परंपरागत कोर्स में विद्यार्थियों का रुझान पहले से कम हुआ है। इन कोर्स के लिए अब विद्यार्थियों में पहले जैसा क्रेज नहीं है। विद्यार्थी अब बीबीए, बीसीए जैसे कोर्स की तरफ ज्यादा रुख करते हैं, क्योंकि यह कोर्स कहीं न कहीं अपना बिजनेस और नौकरी में भी सहायक सिद्ध होते हैं। विद्यार्थी अब कंप्यूटर से संबंधित कोर्स करना पसंद करते हैं, लेकिन इन कोर्स को करने के लिए पढ़ाई में अच्छा होना भी जरूरी है। कई विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जो बीकॉम और बीए ऑनर्स कर उस फील्ड में जाना चाहते हैं।
डॉ. राजेंद्र सिंह, प्राचार्य, एसडी कॉलेज अंबाला छावनी।