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Ambala News: सिर पर मानसून, नाले जाम और अटी ड्रेन

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अंबाला सिटी। जून में मानसून सक्रिय होगा। इसकी तैयारी के लिए नगर निगम ने अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की। शहर की बड़ी ड्रेन, छोटी ड्रेन और नाले बुरी तरह से अटे हैं।
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इन नालों की बीते वर्ष बाढ़ की बाद से बड़े स्तर पर सफाई नहीं हुई। इससे नालों की हालत खराब है। नालों में गाद भरी है और लिफाफों की वजह से पानी की निकासी भी सही तरीके से नहीं हो पा रही। बीते वर्ष जुलाई में शहर में बाढ़ से हालात खराब हुए थे। इसके बाद नगर निगम ने पार्षदों की मांग पर नालों की सफाई वर्ष भर करने के लिए निविदा लगाने की बात कही थी, मगर नगर निगम की दावे खोखले निकले।
निगम की बैठक हुए भी करीब तीन महीने हो गए। अब तक नालों की सफाई के लिए निविदा नहीं लगाई गई। मानसून सीजन सिर पर होने से आनन-फानन में कार्य शुरू होगा। जिससे बारिश के दिनों में शहरवासियों को फिर दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। वहीं, अमर उजाला टीम ने जब रविवार को शहर में ड्रेन और नालों की स्थिति देखी तो हालात खराब मिले।
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अब तक नहीं लगाई गई निविदा
शहर में तीन बड़ी ड्रेन हैं और करीब 89 छोटी ड्रेन व नाले हैं। इन नालों की सफाई के लिए अभी तक निविदा जारी नहीं हुई। इनमें इंको ड्रेन की लंबाई चार हजार 899 मीटर, सेशन ड्रेन 4 हजार 600 मीटर, घेल ड्रेन 1700 मीटर लंबी है। इसके साथ ही शहर में करीब 89 छोटी ड्रेन और नाले हैं। इनकी कुल लंबाई 47 हजार 155 मीटर है। निगम ने इस सूची को तो तैयार कर लिया है, लेकिन सफाई के लिए अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
पार्षद बोले- नहीं की गई ठीक से सफाई
दरअसल, पिछले वर्ष नालों की सफाई का मुद्दा काफी गर्माया था, क्योंकि जुलाई माह में ज्यादा बारिश होने से बाढ़ आ गई और लोगों के घरों में कई दिनों तक पानी जमा रहा। नालों का गंदा पानी लोगों के घरों में जमा हो गया था। उस दौरान निगम ने एजेंसी को करीब 58 लाख की निविदा जारी की थी। पार्षदों का कहना था कि नियमानुसार तीन बार नालों की सफाई करनी थी, मगर वह सही तरीके से नहीं की गई।
चार बार अधिकारियों को दे चुके ज्ञापन
रेजिडेंट सोशल कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर-7 के प्रधान एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि शहर में सभी नालों की हालत बुरी है। नगर निगम प्रशासन नालों की सफाई के लिए संजीदा नहीं है। निगम अधिकारियों को जनता के सुख-दुख से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें पता चला है कि निगम ने अभी तक सेक्टरों के अंदर के नाले भी सफाई के लिए सूची में नहीं डाले हैं। बीते वर्ष बाढ़ आने से पूरा शहर डूब गया था। अगर नालों की सफाई की गई होती तो यह नौबत नहीं आती। एसोसिएशन निगम अधिकारियों को चार बार ज्ञापन दे चुकी हैं कि नालों की सफाई मानसून सीजन में नहीं, बल्कि पूरे वर्ष करवाई जाए ताकि पानी की निकासी हो सके, लेकिन अभी तक निगम ने इसको लेकर निविदा जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि अगर सेक्टरों के नालों को निविदा में साफ नहीं किया गया तो निगम में प्रदर्शन किया जाएगा।
शहर में ड्रेन और नालों की यह स्थिति
-अंबाला शहर के सकुर्लर रोड पर बने नाले में गंदगी का ढेर लगा हुआ है। जगह-जगह घास उगी है। नाला गाद से भरा पड़ा है और सफाई न होने से बारिश के दिनों में गंदा पानी सड़क तक आ जाता है।
शहर के नदी मोहल्ला के नजदीक नाले में कूड़ा और प्लास्टिक की थैलियां भरी है। सफाई न होने के कारण आस पास बड़ी झाड़ियां उग गई है। जिससे कूड़ा नाले में अटक गया है।
शहर के मानव चौक के पास नाले से गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही। यहां कुछ जगह नाला खुला पड़ा है और कुछ जगह ढका हुआ है। जहां नाला खुला पड़ा है। उसमें गंदगी जमा है। लिफाफे अटे होने से पानी की निकासी नहीं हो रही।
शहर पुलिस लाइन से गुजर रही ड्रेन में दोनों तरफ गाद जमा है। इस ड्रेन पर बनी पुलिया के दोनों तरफ लिफाफे जमा हो गए हैं।
शहर के इंको चौक के पास गुजर रही ड्रेन की हालत सबसे खराब है। यहां दूर तक गंदगी ही दिखती है। ड्रेन में लिफाफे अटे होने से पानी की निकासी नहीं हो रही।
वर्जन
शहर के नालों की सफाई के लिए चुनाव से पहले निविदा लगाई गई है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। अभी निविदा जारी करने की अनुमति के लिए फाइल चुनाव आयोग के पास भेजी गई है। अनुमति आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही निविदा लगाकर नालों की सफाई के लिए कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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