अंबाला। छावनी के श्री हनुमान मंदिर के सामने एकता विहार रोड स्थित न्यू शिवपुरी कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास पंडित जितेंद्र शुक्ला ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग का सुंदर वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि द्वारपाल ने द्वारिकाधीश से जाकर कहा, प्रभु द्वार पर एक ब्राह्मण आया है और आपसे मिलना चाहता है। वह अपना नाम सुदामा बता रहा है। यह सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगवानी करने राजमहल के द्वार पर पहुंच गए। यह सब देख वहां लोग यह समझ ही नहीं पाए कि आखिर सुदामा में ऐसा क्या है जो भगवान दौड़े-दौड़े चले आए।
बचपन के मित्र को गले लगाकर भगवान श्रीकृष्ण उन्हें राजमहल के अंदर ले गए। अपने सिंहासन पर बैठाकर स्वयं अपने हाथों से उनके पांव पखारे। सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया। दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान है। इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। कथावाचक ने सुदामा चरित्र के अलावा राजा परीक्षित के मोक्ष और कई अन्य भावपूर्ण कथाओं का भी वर्णन किया। शनिवार को कथा पंडाल में हवन के बाद अटूट भंडारा लगाकर प्रसाद वितरित होगा।
इस मौके पर सुशील शर्मा, लक्ष्य शर्मा, सूरज भान, राजीव बंसल, अमित मल्होत्रा, परवेश, रवि कुमार, सुरेश, घनश्याम, नंद किशोर और भारत भूषण शामिल रहे।