बराड़ा। अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद इस बार तय तिथि से पहले शुरू तो हो गई, लेकिन पहले ही दिन किसानों को तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा। मंडी में प्रवेश के लिए गेट पास मोबाइल एप से तैयार किए जा रहे थे, किंतु धीमी प्रक्रिया के कारण किसानों को लंबा इंतजार झेलना पड़ा। पहले दिन मंडी में लगभग 12 हजार क्विंटल धान की आवक हुई। इनमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करीब 2200 क्विंटल की खरीद की। इसके साथ ही हैफेड एजेंसी भी खरीद कर रही है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद करीब 250 किसानों ने गेट पास कटवाकर अपनी फसल बेचने की प्रक्रिया पूरी की।
मंडी सचिव राहुल मेव ने बताया कि खरीद मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धान को पूरी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि नमी की समस्या से बचा जा सके। मंडी प्रशासन का दावा है कि सफाई, पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा चुकी है। निरीक्षण के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मंडी में मौजूद रहे। हालांकि किसानों की शुरुआती दिक्कतों ने यह सवाल भी खड़ा किया कि यदि पहले ही दिन तकनीकी व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई, तो आवक बढ़ने पर स्थिति को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो सकता है।