जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।
जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद