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मंत्री विज की कार्रवाई: पानीपत के तीन SI सस्पेंड, चार निरीक्षकों पर विभागीय जांच के आदेश, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 06 Jun 2023 08:35 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

गृहमंत्री अनिल विज ने कबूतरबाजी के मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की है। गृहमंत्री विज हरियाणा के सभी पुलिस अधीक्षकों की जून माह के अंतिम सप्ताह में वीडियो कॉंफ्रेंसिग के माध्यम से मीटिंग लेंगे। कबूतरबाजी से संबंधित लंबित चल रहे मुकदमों व शिकायतों के बारे में चर्चा  होगी।
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अनिल विज। - फोटो : ANI
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विस्तार
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कबूतरबाजी के मामले की जांच में लापरवाही बरतने वाले पानीपत के 3 सब इंस्पेक्टर व 4 निरीक्षकों पर गाज गिर गई है। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जहां एसआई राजबीर सिंह, एसआई कृष्ण कुमार व एसआई विनोद कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं वहीं उस अवधि के दौरान तैनात रहे प्रबंधक थाना निरीक्षक कमलजीत, निरीक्षक सुनीता, निरीक्षक विजय व निरीक्षक दीपक के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित हलका अफसर द्वारा भी देखरेख का कार्य सही प्रकार से न करने पर स्पष्टीकरण जारी करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक अंबाला मंडल द्वारा अलग से एसपी पानीपत को पत्र लिखा गया है।

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पुलिस महानिरीक्षक अंबाला मंडल शिवास कविराज ने बताया कि मंगलवार को गृहमंत्री अनिल विज ने जिला पानीपत की कबूतरबाजी से संबंधित फाइलों को लेकर मंत्रणा की थी। उसमें यह खुलासा हुआ। गृहमंत्री विज ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वह स्वयं हरियाणा के सभी पुलिस अधीक्षकों की जून माह के अंतिम सप्ताह में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से कबूतरबाजी से संबंधित लंबित चल रहे मुकदमों व शिकायतों बारे मीटिंग लेंगे। 

लंबे समय तक रही फाइलें, फिर भी बरत रहे थे लापरवाही
बता दें कि पानीपत के एक मुकदमें में समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं की गई। इस मामले में एक आरोपी को पीओ स्टाफ अमृतसर द्वारा गिरफ्तार किया गया था जिस बारे अदालत अमृतसर से आरोपियों की तारीख पेशी बारे एक बार पता करके उसके बाद कोई जानकारी नहीं ली गई।
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ना ही उसकी गिरफ्तारी के कोई प्रयास किए। जबकि मुकदमें में गिरफ्तार दो आरोपियों का चालान करीब 9 माह पहले तैयार करके अभी तक अदालत में नहीं दिया। साथ ही प्रबंधक थाना व संबंधित हलका अफसर द्वारा भी मुकदमें का निपटारा करने बारे कोई रूचि नहीं ली, जिस कारण मुकदमा लगभग तीन वर्ष से लंबित है।

जांच में पाया गया कि जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह के पास (10 माह 12 दिन), उप निरीक्षक कृष्ण कुमार (7 माह) व उप निरीक्षक विनोद कुमार (9 माह 11 दिन) फाइल रही, जिन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जो आरोपी सरेआम घुमते रहे। 

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